आज की जरूरत जे एन यू

आज की जरूरत जे एन यू

आज की जरूरत जे एन यू

प्रकाश खातरकर

जो माहौल आज देश मे जे एन यू के खिलाफ दिखाया जा रहा है और सरकार की सख्ती से लगता है इस यूनीवरसीटी को कही बन्द कराने की साजिश तो नही है।जिस तरह सरकारी उपक्रम सरकार थाल में परोसकर निजी हाथों में सौप रही है वही यदि जे एन यू के साथ हुआ तो यकीन मानिए हिन्दी भाषी प्रदेशो के छात्र दंगाइयों की फौज में तब्दील हो जाएंगे।जब सस्ती शिक्षा ही नही मिलेंगी तो बेरोजगार युवा क्या करेंगे।थोड़ा इत्मीनान के साथ टी वी बन्द करके सोचोअगर आज आप जेएनयू के साथ नहीं खड़े हैं तो यकीन मानिए कि आप इस देश में सबको शिक्षा और सबको काम की लड़ाई से बहुत दूर कर रहे हैं ?अगर आज आप जेएनयू के साथ नहीं खड़े हैं तो यकीन मानिए कि आप इस देश में कूप मंडूकता के खिलाफ लड़ाई के साथ नहीं हैं? अगर आज आप जेएनयू के साथ नहीं खड़े हैं तो यकीन मानिए कि आप इस देश में गरीबी,भुखमरी,बेरोजगारी और पिछड़ेपन के खिलाफ किसी भी बौद्धिक-वैचारिक लड़ाई से बहुत दूर हैं?अगर आज आप जेएनयू के साथ नहीं खड़े हैं तो विश्वास कीजिये कि आपको इस बात का एहसास ही नहीं है कि आज का निजाम किस तरह अनपढ़ और कुपढ पीढ़ी तैयार करने की साज़िश रच रहा है? अगर आज आप जेएनयू के साथ नहीं खड़े हैं तो पक्के तौर पर आप सांप्रदायिकता के खिलाफ सद्भाव की एक बड़ी लड़ाई के साथ नहीं हैं ?अगर आज आप जेएनयू के साथ नहीं हैं तो मैं दावे के साथ कह सकता हु कि आप इस देश के नौजवानों के असली सवालों के साथ नहीं खड़े हैं?अगर आज आप जेएनयू के साथ नहीं खड़े हैं तो याद रखना कि आप उस युवा-हुंकार की अनदेखी कर रहे हैं जो इस देश के आम इंसानों के हक़ की आवाज़ है ?अगर आज आप जेएनयू के साथ नहीं हैं तो यकीन मानिए कि आप युवा सपनों से दूर उस डस्टबिन के साथ खड़े हैं जहां केवल वैचारिक कचरा भरा है ? जेएनयू की लड़ाई को जो केवल दो चार सौ रुपयों की लड़ाई मान रहे हैं वो या तो साज़िश का हिस्सा हैं या साज़िश का शिकार हैं । जो लड़ाई हम-आप नहीं लड़ सके, उस लड़ाई को वो विद्यार्थी लड़ रहे हैं जो आने वाली पीढ़ी को बेहतर शिक्षा के प्लेटफार्म उपलब्ध करवाने अपना खून बहा रहे है। इस लड़ाई को लेकर सवाल कीजिये ,जवाब तलाशिये फिर तय कीजिये कि ये लड़ाई कितनी ज़रूरी है । जेएनयू की लड़ाई ज़िंदा कौमों की लड़ाई है ,ये समाज में हर तरह की गैर बराबरी के खिलाफ समानता ,स्वतंत्रता, शांति ,सद्भाव ,सस्ती और बेहतर शिक्षा और रोजगार की लड़ाई है ।अगर आज आप इस लड़ाई के साथ आज खड़े नही हुए तो यकीनन आप अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के साथ खड़े होने का भी एक अवसर गंवा देंगे ।जेएनयू की लड़ाई इस देश के आम करदाता की लड़ाई है । आपके टैक्स का जितना भी पैसा जेएनयू को गया है जानिए कि वो पैसा इस देश के निर्माण में खर्च हुआ है।कभी अपने आप से यह भी पूछो की आपकी मेहनत की गाड़ी कमाई का लगभग पूरा हिस्सा सांसदों,राज्यसभा सदस्यों और विधायको की मोटी तनख्वाह,सैर सपाटे और ऐशो आराम में फिजूल ही जा रहा है इस बात को बगैर समझे सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मो से जे एन यू को बदनाम करने में उन्ही युवाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है जो शिक्षीत बेरोजगार है?अब ये आपके ऊपर है कि आप देश के निर्माण के साथ हैं या विध्वंस के ???