आज विराजगे विघ्नहर्ता श्री गणेश

आज विराजगे विघ्नहर्ता श्री गणेश

आज विराजगे विघ्नहर्ता श्री गणेश

भौरा:- गणेश चतुर्थी को भारत के विभिन्न हिस्सों में अनेकों रूपों में मनाई जाती है। हिन्दू धर्म के अनुसार इसी दिन भागवान गणेश का जन्म हुआ था। भागवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में इस त्योहार को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। बैतूल जिले में तो गणेश चतुर्थी के बाद 10 दिनों तक लगातार गणेशोत्सव श्रद्धा भाव से मनाया जाता है। भक्त इस दौरान अपने-अपने घरों में भागवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर भक्ति भाव से दस दिनों तक विघ्नहर्ता श्री गणेश की पूजा करते हैं। 2 सितंबर को गणेश चतुर्दशी पर रिद्धि सिद्धि के दाता घरों और सार्वजनिक स्थानों पर वैदिक विधि विधान से विराजमान होंगे। यह उत्सव दस दिन अनंत चतुर्दशी तक चलेगा। विघ्नहर्ता के आगमन को लेकर पांडाल सजधज कर तैयार हो चुके हैं।

 

 श्री गणेश उत्सव को लेकर राधे मित्र मंडल गणेश उत्सव समिति, खेड़ापति माता मंदिर, बीजादेही रोड स्थित शंकर  मंदिर एवं आजाद वार्ड,रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड की समितियों पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नगर में विघ्नहर्ता की स्थापना के बाद  हर रोज विधि- विधान से पूजा अर्चना की जाएगी।

 

गणेश प्रतिमाओं की स्थापना का शुभ मुहूर्त 

पंडित केशव नारायण मिश्रा ने बताया कि

गणेश चतुर्थी के दिन गणपति की पूजा दोपहर के समय करना शुभ माना जाता है, क्योंकि मान्यता है कि भाद्रपद महीने के शुक्लपक्ष की चतुर्थी को मध्याह्न के समय गणेश जी का जन्म हुआ था। गणेश चतुर्थी पर मध्याह्न काल में अभिजित मुहूर्त के संयोग पर गणेश भगवान की मूर्ति की स्थापना करना शुभ रहेगा। पंचांग के अनुसार अभिजित मुहूर्त सुबह लगभग 11.55 से दोपहर 12.40 तक रहेगा। इसके अलावा पूरे दिन शुभ संयोग होने से सुविधा अनुसार किसी भी शुभ लग्न या चौघड़िया मुहूर्त में गणेश जी की स्थापना कर सकते 

गणेश जी की पूजा अर्चना में मोदक का भोग लगाए और गं गणपतये नम: का जाप करें।