एक हजार बोरियों से बनाया 120 फुट लंबा बोरी बंधान, जल प्रहरी मोहन नागर सहित 200 लोगों ने किया श्रमदान*

एक हजार बोरियों से बनाया 120 फुट लंबा बोरी बंधान, जल प्रहरी मोहन नागर सहित 200 लोगों ने किया श्रमदान*

 

एक हजार बोरियों से बनाया 120 फुट लंबा बोरी बंधान, जल प्रहरी मोहन नागर सहित 200 लोगों ने किया श्रमदान*

*घोड़ाडोंगरी ब्लॉक का सबसे लंबा बोरी बंधाना बनाया*

घोड़ाडोंगरी (विनोद पातरिया) । घोड़ाडोंगरी-कान्हावाड़ी मार्ग स्थित पीपरी नदी के पुल के नीचे मंगलवार को क्षेत्र का सबसे लंबा बोरी बंधान बनाया गया। इस दुष्कर कार्य के लिए 200 से अधिक लोगों ने श्रमदान किया जिसमें भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जल प्रहरी सम्मान से सम्मानित और गंगा अवतरण अभियान के संयोजक मोहन नागर भी श्रमदान एवं मार्गदर्शन हेतु उपस्थित रहे । श्री नागर ने स्वयं श्रमदान करते हुए बोरी बंधान हेतु तकनीकि मागर्दशन भी दिया। इस बोरी बंधान के लिए एक हजार से अधिक बोरियों का इस्तेमाल किया गया। मंगलवार सुबह 9 बजे से शुरू हुआ श्रमदान दोपहर 12 बजे तक चला। इन तीन घण्टों मे बोरियों में रेत भरकर दो कतार में जमाई गई। दोनो कतारों के बीच में पानी को सही तरह से रोके रखने के लिए काली मिट्टी भी भरी गई। बोरी बंधान जल महोत्सव के तहत किए गए इस श्रमदान कार्यक्रम का बीड़ा उठाया था युवा नेता दीपक उइके ने। जिसके लिए उन्होने दो दिन पूर्व से तैयारी आरंभ कर दी थी। कान्हवाड़ी ग्राम पंचायत के तहत आने वाली जिस पीपरी नदी के पुल के नीचे यह बोरी बंधान किया गया है, वहां से प्रति मंगलवार ओर रविवार कान्हावाड़ी दवाई लेने आने वाले देश के विभिन्न भागों के हजारों लोगों का निकलना होता है। जल संरक्षण का संदेश पूरे भारत में पहुंचे इसीलिए इस स्थान का चयन किया गया था। बोरी बंधान में श्रमदान करने वालों में जनजातीय शिक्षा के राष्ट्रीय संयोजक सुहाग देशपांडे, जनजातीय शिक्षा के राष्ट्रीय सहसंयोजक बुधपाल सिंह, पूर्व संसदीय सचिव रामजीलाल उइके, कार्यक्रम के संयोजक दीपक उइके, भाजपा नेता विशाल बत्रा, राजेश महतो, सरपंच कमलेश परते, आदिवासी मोर्चा के नेता नरेंद्र उइके, मारोतीराव सोनारे, आशीष वागद्रे, एकल विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यार्थी, बगडोना कालेज की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के स्वयंसेवकों सहित बड़ी संख्या में कान्हावाड़ी,घोड़ाडोंंगरी, सीत्ताखेड़ा, घुग्घी और पीपरी के नागरिक शामिल हुए। सभी ने मिलकर तीन घण्टे की कड़ी मेहनत से ऐसा बोरी बंधान बनाया जिससे 120 फुट की चौड़ाई में लगभग एक किलोमीटर से अधिक लंबाई तक पानी रूकेगा। यह बोरी बंधान वर्तमान में घोड़ाडोंगरी ब्लॉक का सबसे लंबा बोरी बंधान है।

*जल रोकेंगे तो गांव में रहेगी खुशहाली : मोहन नागर*

बोरी बंधान जल महोत्सव के तहत कान्हवाड़ी ग्राम पंचायत की पीपरी नदी पर बोरी बंधान करने आए भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जल प्रहरी सम्मान से सम्मानित और गंगा अवतरण अभियान के संयोजक मोहन नागर ने श्रमदान उपरांत उपस्थित श्रमदानियों सहित आसपास के गांव से जुटे सैकड़ों लोगों का संबोधित करते हुए जल संरक्षण के महत्व से परिचित कराया। उन्होने कहा कि जल रोकेगें तो गांव में सदैव खुशहाली रहेगी। मनुष्य के लिए भूगर्भ का जलस्तर बढ़ेगा, पशु पक्षियों की प्यास बुझेगी, पेड़-पौधों को भी पोषण मिलेगा। उन्होने कहा कि कई लोग यह सोचते हैं कि खेती के लिए पानी वर्षा से ही आएगा और पीने के लिए जमीन में बोर कर निकाल लेंगे। लोग यह विचार ही नहीं करते कि भूमि में जो जल है वह हमारे पूर्वजों द्वारा सहेजा हुआ जल है, अब अगर हम जल नहीं सहेजेंगे तो हमारी आने वाली पीढिय़ों को हम क्या दे पाएंगे। अच्छी वर्षा पेड़ और पहाड़ों की वजह से होती है और जब वर्षा होती है तो हमें वर्षा का जल भी भूमि में उतारना चाहिए। वर्षाजल यूंॅ ही नदी नालों से होता हुआ व्यर्थ नहीं बह जाने देना चाहिए। श्री नागर ने कहा कि जल सहेजने के लिए बोरी बंधान एक सशक्त माध्यम है। बिना किसी सरकारी खर्च के जब हम जनसहयोग और श्रमदान से यह कार्य करते हैं तो इससे लोगों की भावनाएं भी जुड़ती हैं जिसके परिणाम सुखद आते हैं। उन्होने उपस्थित जनसमुह का आहवान करते हुए कहा कि यह एक पवित्र कार्र्य है, इसके माध्यम से प्रकृति की सेवा भी होती है। पूर्व संसदीय सचिव रामजीलाल उइके ने अपने संबोधन में श्रमदानियों को पुनीत कार्य की बधाई देते हुए कहा कि अच्छे कार्यों के लिए श्रमदान करना हमारी संस्कृति है। जनजातीय शिक्षा के राष्ट्रीय संयोजक सुहाग देशपांडे ने कहा कि प्रकृति जो हमें सबकुछ देती है उसके संरक्षण के  लिए अपनी ओर से कुछ करना हर मनुष्य की जिम्मेदारी है। सह संयोजक बुधपाल सिंह ने एक गीत के माध्यम से लोगों को गांव का पानी गांव में और खेत का पानी खेत में सहेजने के लिए प्रोत्साहित किया। भाजपा जिला उपाध्यक्ष विशाल बत्रा, कार्यक्रम के संयोजक दीपक उइके, सरपंच कमलेश परते, राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रमुख श्री पंद्राम सहित अन्य वक्ताओं ने भी जल संरक्षण का महत्व प्रतिपादित करते हुए इस बड़े बोरी बंधान को अंजाम देने के लिए सभी श्रमदानियों का आभार माना।