बालाघाट इंस्पायर अवार्ड प्रदर्शनी

बालाघाट इंस्पायर अवार्ड प्रदर्शनी
बालाघाट इंस्पायर अवार्ड प्रदर्शनी

मन में आये विचारों को साकार रूप देना ही विज्ञान है---मंत्री श्री जायसवाल छात्र-छात्रायें अपने मन में नये विचारों के लिए चिंतन-मनन करते रहें। मन में आये विचारों को साकार रूप देना ही विज्ञान है। ज्ञान-विज्ञान का चोली दामन का साथ है। बिना विज्ञान के हम आगे नहीं बढ़ सकते है। यह बातें मध्यप्रदेश शासन के खनिज साधन मंत्री श्रभ्‍ प्रदीप जायसवाल ने आज 10 जनवरी को महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालाघाट मंन आयोजित दो दिवसीय इंस्पायर अवार्ड प्रदर्शनी के समापन कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कही। इंस्पायर अवार्ड प्रदर्शनी के समापन अवसर पर मध्यप्रदेश विधानसभा की उपाध्यक्ष सुश्री हिना कावरे, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती मेघा किशोर बिसेन, पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्री संभीर सुलाखे, कलेक्टर श्री दीपक आर्य, पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक तिवारी, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती रजनी सिंह, श्री राजा सोनी, श्री मुकेश जोशी, श्री अजय मिश्रा, श्री आनंद बिसेन, जिला शिक्षा अधिकारी श्री आर के लटारे, सर्व शिक्षा अभियान के जिला परियोजना समन्वयक श्री पी के अंगूरे, एमएलबी के प्राचार्य श्री अश्विनी उपाध्याय, प्रदर्शनी में शामिल बालाघाट, मंडला एवं सिवनी जिले के प्रतिभागी छात्र-छात्राओं के मार्गदर्शक शिक्षक एवं छात्र-छात्रायें उपस्थित थी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खनिज मंत्री श्री जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि बालाघाट जिले में तीन जिलों के छात्र-छात्राओं के लिए इंस्पायर अवार्ड प्रदर्शनी का आयोजन गर्व की बात है। इस आयोजन के माध्यम से स्कूली बच्चों की वैज्ञानिक प्रतिभा को तरासने का काम किया गया है। इस तरह के आयोजन से बच्चों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। इस प्रदर्शनी में शामिल बच्चों को मार्गदर्शन देने में उनके शिक्षकों की भूमिका और मेहनत भी प्रशंसनीय है। खनिज मंत्री श्री जायसवाल ने इस अवसर पर स्वागत गीत प्रस्तुत करने वाली छात्राओं के दो समूहों को 1500-1500 रुपये देने की घोषणा की। मध्यप्रदेश विधानसभा की उपाध्यक्ष सुश्री हिना कावरे ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि इस प्रदर्शनी में शामिल होने बच्चों के प्रयास सराहनीय है। उन्हें आज जिला स्तर पर अपने माडल एवं प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर मिला है। यह बच्चे आगे जाकर देश एवं विश्व में अपना नाम रोशन करेंगें। एक कहावत है कि पूत के पांव पालने में ही नजर आने लगते है। ऐसा ही इस प्रदर्शनी में शामिल बच्चों के माडल देखकर प्रतीत हो रहा है। आम जनता एवं समाज को रोजमर्रा के कार्यों में होने वाली दिक्कतों को इन बच्चों ने अपने माडल के माध्यम से दूर करने का प्रयास किया है। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री दीपक आर्य ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के आयोजन से गांव के बच्चों को अपने नवाचार को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच मिलता है। इस तरह के आयोजन से बच्चों में एक वैज्ञानिक सोच मिलती है और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि आवश्यकता आविष्कार की जननी होती है और इस प्रदर्शनी में अपने माडल लेकर आये बच्चों ने सीमित संसाधनों के बाद भी अच्छा करने का प्रयास किया है। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती रजनी सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के आयोजन में शामिल होना बहुत बड़ी बात होती है। ऐसे आयोजन में शामिल होने से बच्चों में नया आत्मविश्वास पैदा होता है। मशीने उपयोग से घिसती है, लेकिन मनुष्य का दिमाग ही ऐसा होता है जो जिसका अधिक उपयोग करने पर वह बढ़ता है। छात्र-छात्राओं को नयी खोज के प्रति प्रयास करना है। जिला शिक्षा अधिकारी श्री आर के लटारे ने इस अवसर पर बताया गया कि इस प्रदर्शनी में बालाघाट जिले के 145, मंडला जिले के 32 एवं सिवनी जिले के 61 छात्र-छात्रायें को अपने माडल के साथ शामिल होना था। इस प्रदर्शनी में शासकीय स्कूलों की कक्षा 6 से 10 वीं तक के छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार किये गये 194 चयनित माडल आये थे। इस प्रदर्शनी में कुल 22 माडलों का चयन राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी के लिए किया गया है। कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा चयनित माडल के छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित किये गये। जिन छात्र-छात्राओं के माडल का राज्य स्तरीय प्रदर्शनी भोपाल के लिए चयन किया गया है उनमें मलाजखंड की साल्वी पांडे, बालाघाट के देवसिंह‍ बघेल, सिवनी जिले के कातलबोड़ी की साक्षी गजभिये, भोमा की आयशा नाज, भोंगाखेड़ा की चेष्टा जंघेला, मंडला की अंजली विश्वकर्मा, हाई स्कूल पूर्वा की दीक्षा कछवाहा, सिवनी जिले के खापा बाजार के सुमीत साहू, बालपुरा की समीक्षा बघेल, बरघाट के अभिषेक सोनवाने, बालाघाट के प्रणय पटले, किरण बिरनवार, भानेगांव के जैनेन्द्र, लांजी के महिम खान, मोहगांव-धपेरा के मयंक दशरिये, लांजी के प्रकाश वरकड़े, सिवनी जिले के लखनवाड़ा के अंकित सतनामी, बालाघाट जिले के घुनाड़ी की प्रिया पटले, मंडला जिले के दीवारा की ज्योति नंदा, बिनेका के निखिल रघुवंशी, बालाघाट जिले के कनकी के देवांश बाघमारे एवं सिवनी जिले के केवालारी के सौरभ बघेल के माडल शामिल है।