बालाघाट में बनेगा राणा हनुमान सिंह स्मृति द्वार

बालाघाट में बनेगा राणा हनुमान सिंह स्मृति द्वार
बालाघाट में बनेगा राणा हनुमान सिंह स्मृति द्वार
बालाघाट में बनेगा राणा हनुमान सिंह स्मृति द्वार

राणा हनुमान सिंह स्मृति द्वार निर्माण के लिए विधानसभा उपाध्यक्ष सुश्री हिना कावरे ने किया भूमिपूजन मध्यप्रदेश विधानसभा की उपाध्यक्ष सुश्री हिना कावरे ने आज 12 जनवरी को हनुमान चौक बालाघाट में दानवीर स्वर्गीय राणा हनुमान सिंह स्मृति द्वार निर्माण के लिए भूमिपूजन किया। इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रेखा बिसेन, विधायक श्री गौरीशंकर बिसेन, नगर पालिका बालाघाट के अध्यक्ष श्री अनिल धुवारे, पूर्व विधायक श्री अशोक सिंह सरस्वार, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्री रमेश रंगलानी, नगर पालिका के पार्षद, अन्य गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में आम जन उपस्थित थे। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विधानसभा उपाध्यक्ष सुश्री हिना कावरे ने इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि स्वर्गीय राणा हनुमान सिह हकीकत में दान वीर थे। उन्होंने अपनी बहुत बड़ी संपत्ति बड़गांव में कृषि विज्ञान केन्द्र के लिए दान कर दी। उन्होंने हमेशा दलगत भावना से ऊपर उठकर जिले के विकास के लिए सोचा। राणा जी के सपने को साकार करने और जिले को विकास के क्षेत्र के आगे लाने के लिए हम भरपूर प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ एक अनुभवी व्यक्ति है और राणा जी के सपने के अनुरूप बालाघाट जिले को विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं रखेंगें। राणा जी की स्मृति में आज स्मृति द्वार का भूमिपूजन हुआ है। राणा जी की स्मृतियों को ताजा रखने के लिए यह एक अच्छा प्रयास है। कार्यक्रम के अध्यक्ष विधायक श्री गौरीशंकर बिसेन ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन इतिहास में स्वर्ण अक्षरों से लिखा जाएगा। राणा हनुमान सिंह जी की सोच अमित रहेगी वह हमारे बीच जरूर नहीं है लेकिन वह हमेशा याद रखे जायेंगें। इस प्रवेश द्वार के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव को पारित करने के लिए उन्होंने नगर पालिका के समस्त पार्षदों को धन्यवाद देते हुए कहा कि विकास के कार्य में हम सबको मिलजुल कर कार्य करना चाहिए और विधायक होने के नाते वे इस स्मृति द्वार के निर्माण में किसी प्रकार की अड़चन नहीं आने देंगे। पूर्व विधायक श्री अशोक सिंह सरस्वार ने अपने संबोधन में कहा कि राणा हनुमान सिंह जैसे दानवीर को भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होंने बालाघाट जिले को अनेकों सौगात दी है बालाघाट जिले को आगे लाने में उनका बहुत बड़ा योगदान रहा है।