सरपंच, पूर्व सचिव रोजगार सहायक ने की लाखो की बंदबाट

सरपंच, पूर्व सचिव रोजगार सहायक ने की लाखो की बंदबाट

सरपंच, पूर्व सचिव रोजगार सहायक ने की लाखो की बंदबाट

सरपंच, पूर्व सचिव ने सीसी सड़क निर्माण में लगाई लाखों की चपत

भ्रष्टाचार उजागर करने पर वर्तमान सचिव के खिलाफ झल्लार थाने में की झूठी शिकायत

सीसी सड़क निर्माण में सरपंच, पूर्व सचिव रोजगार सहायक ने की लाखो की बंदबाट

फोटो-शिकायत

बैतूल। भीमपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत धामन्या में सरपंच, पूर्व सचिव एवं पूर्व रोजगार सहायक की मिलीभगत से लाखों रुपए की वित्तीय अनियमितताएं सामने आई है। इस मामले में कार्रवाई के भय से सरपंच एवं सरपंच पति ने वर्तमान सचिव रमेश येवले के खिलाफ थाना झल्लार में झूठा मामला पंजीबद्ध करा दिया है। इस निराधार आरोप के चलते सचिव रमेश येवले ने पंच एवं ग्रामीणों के साथ जिलामुख्यालय पहुंचकर जिला पंचायत सीईओ, पुलिस अधीक्षक एवं भैंसदेही एसडीओपी को ज्ञापन सौंपकर सरपंच द्वारा की गई झूठी एफआईआर निरस्त करने की मांग की है। शिकायतकर्ता सचिव रमेश येवले ने बताया कि ग्राम पंचायत धामन्या की सरपंच श्रीमती कैलो बारस्कर पूर्व में पदस्थ सचिव सुरेश राठौर एवं रोजगार सहायक महेश बेले द्वारा शासकीय राशि का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग करते हुए हितग्राहियों की मजदूरी का भुगतान अन्य खाते में कर दिया। जब उन्होंने हितग्राहियों के मनरेगा पोर्टल से भुगतान स्टेटमेंट प्राप्त कर हितग्राहियों को भुगतान की जानकारी दी तो सरपंच पति जयप्रकाश बारस्कर ने शराब पीकर ग्रामसभा एवं जनसुनवाई की बैठक में उनसे अभद्र व्यवहार किया। बैठक में सरपंच पति का कहना था कि सचिव रमेश येवले हितग्राहियों को उनके खिलाफ भड़काते हुए बदनाम कर रहे हैं। श्री येवले का कहना है कि उन्होंने हितग्राहियों को मजदूरी का भुगतान कैसे हो इस बात पर ध्यान केंद्रित कराया ना कि सरपंच पति की बदनामी की है। इससे आवेश में आकर सरपंच कैलोबाई बारस्कर पति जयप्रकाश ने ग्रामसभा में उपस्थित जनसमूह के समक्ष 3 दिन में पंचायत सचिव को पद से हटाकर जेल भेजने की धमकी देते हुए उनके खिलाफ झल्लार थाने में झूठी शिकायत कर दी। वर्तमान सचिव रमेश येवले का कहना है कि सरपंच पति द्वारा निराधार आरोप लगाते हुए शिकायत की गई है। उन्होंने जिला पंचायत सीईओ से इस मामले में उच्च स्तरीय जांच करते हुए कार्रवाई करने की मांग की है।

सीसी सड़क निर्माण में जमकर की बंदरबांट

शिकायतकर्ता रमेश येवले ने बताया कि भ्रष्टाचार का पर्याय बन चुके सरपंच, पूर्व सचिव, रोजगार सहायक की तानाशाही व मनमानी चरम पर है। सरपंच द्वारा ग्राम पंचायत में नियमों  के विपरीत दबंगता पूर्वक निर्माण कार्य करते हुए सीसी रोड निर्माण में भी भारी अनियमितता की गई। गौरतलब है कि धनिया में सीसी रोड निर्माण लालसा के घर से ताप्ती नदी की ओर 300 मीटर स्वीकृति और प्रशासकीय स्वीकृति पर दो वर्क कोड जनरेट किए जिसमें क्रमश: 7 लाख 50 हजार एवं 4 लाख 25 हजार कुल 11 लाख 75 हजार व्यय किया गया। सरपंच-सचिव ने इसमें केवल 100 से 150 मीटर सीसी रोड का ही निर्माण कार्य किया। वहीं 17 से वर्ष 2018-19 तक लगभग 200 आवासो का निर्माण किया गया जिन्हें पीएम आवास की राशि 1 लाख 20 हजार रूपए प्राप्त हो गई। लेकिन मनरेगा से प्राप्त होने वाली 90 दिन की राशि 15 हजार प्राप्त नहीं हुई है। किशोर के घर से मदन के घर की ओर जनपद स्तर कार्य पर सीसी रोड निर्माण में 2.6 लाख व्यय किया लेकिन निर्माण कार्य अब तक प्रारंभ नहीं हुआ है। मोहन के घर से ग्राम आमढाना में कुल 300 मीटर सीसी रोड में से 200 मीटर सीसी रोड का निर्माण कार्य किया गया जिसकी व्यव राशि 7 लाख 63 हजार 50 रूपए उल्लेखित है। सोहार की घर से मेंढा मार्ग निर्माण कार्य घटिया किया गया जिसकी व्यय राशि 2 लाख 50 हजार 100 रूपए है। गोलू के घर से मेन रोड नेवरालोंडू का निर्माण कार्य अत्यंत घटिया किया गया जिसकी व्यय राशि 1 लाख 92 हजार 600 रूपए है। घाना रायपुर से शांतिधाम की ओर लगभग 7 लाख 50 हजार की राशि व्यय की गई। जिसका निर्माण कार्य अप्रारंभ है। वासू के घर से शेष भाग नेवरालोंडू व्यय राशि 1 लाख 24 हजार है जिसका निर्माण कार्य अप्रारंभ है। शौचालय निर्माण पर 72 हजार रूपए का भुगतान किया गया शौचालय निर्माण अपूर्ण है। मनरेगा योजना में दो चेकडैम, तालाब बरसात में बह गए वहीं मजदूरों का भुगतान भी नहीं किया गया।