स्वास्थ्य विभाग की 24 टीम गठित कर सर्वे कार्य जारी

स्वास्थ्य विभाग की 24 टीम गठित कर सर्वे कार्य जारी

स्वास्थ्य विभाग की 24 टीम गठित कर सर्वे कार्य जारी

ओम्कारेश्वर । सिविल हॉस्पिटल क्षेत्र में 150 अधिक सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार के मरीज 10 लोगों को सांस लेने में तकलीफ व शुगर, डायबिटीज के सैकड़ों मरीज अभी सर्वे जारी।

आंगनवाड़ी, आशा कार्यकर्ता, स्वास्थ्य विभाग की टीम घर घर जाकर, कील कोरोना अभियान के अंतर्गत सर्दी, खासी ,जुखाम, बुखार व संक्रमित लोगों का कर रही सर्वे

ओम्कारेश्वर सिविल हॉस्पिटल में जांच सुविधाओं का आभाव, लैब टेक्नीशियन नहीं होने के कारण संक्रमित मरीज दर-दर भटकने को मजबूर स्वास्थ्य विभाग की खुली पोल।

ओम्कारेश्वर पवित्र तीर्थ नगरी में शासन ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सिविल हॉस्पिटल का दर्जा तो दे दिया
 मगर मरीजों के लिए जांचों के संसाधन नहीं होने के कारण प्राइवेट हॉस्पिटल ,और झोलाछाप डॉक्टरों से उपचार कराने के लिए दर-दर भटक रहे हैं।

ओम्कारेश्वर पवित्र तीर्थ नगरी में मध्यप्रदेश शासन ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सिविल हॉस्पिटल का दर्जा तो दे दिया। लेकिन संसाधन नहीं होने के कारण गरीब बेसहारा मरीज सनावद, बड़वाह जाकर प्राइवेट हॉस्पिटलों में जांच करवाने के साथ उपचार करवा रहे हैं  ।फर्स्ट कोरोना कॉल में कोरोना संक्रमित लोगों की जांच की जा रही थी, मगर वर्तमान में जांच बंद कर दी गई है और दूसरी तरफ कील कोरोना अभियान चलाकर बीमारियों से ग्रसित लोगों का सर्वे कराया जा रहा है।
अब इसे विडंबना ही कहेंगे कि सरकार सर्वे कराकर क्या दिखाना चाहती है। जिन लोगों का सर्वे हुआ उनको उपचार और जांच करवाने में तो सिविल हॉस्पिटल ना काम है। फिर यह कार्य कराने का क्या क्या फायदा शासन केवल कागजी खानापूर्ति कर रहा है। लोग मरे तो मरे हम क्या करें हम तो व्यवस्था बनाने में लगे हैं।

 कील कोरोना के अंतर्गत सर्वे करवाकर सिविल हॉस्पिटल में जांच नहीं होने के कारण, गरीब लोगों के साथ किया जा रहा मजाक