अमन के फरिश्ते बने कलेक्टर एस पी ?

अमन के फरिश्ते बने कलेक्टर एस पी ?

अमन के फरिश्ते बने कलेक्टर एस पी ?

बैतूल (प्रकाश खातरकर)

आनन फानन में 8 नवम्बर को जैसे ही यह खबर वायरल हुई की दूसरे दिन साढे दस बजे राममंदिर और बाबरी मस्जिद का फैसला आ जायेगा वैसे ही प्रशासन सकते में आ गया समय की कमी और जिला प्रशासन के मैदानी लोगो तक मेसेज पहचाना,शांति और सौहाद्र कायम रहे उसके लिए कौन से जरूरी कदम उठाना है उस पर चिंतन कर पुलिस की क्या भूमिका हो सकती है उस पर माथापच्ची के अलावा आज याने फैसले के दूसरे दिन ही मुस्लिमो के ईद मिलादुन्नबी का पर्व को लेकर जिला प्रशासन के कलेक्टर और एस पी पर क्या बीती होगी सहज ही कल्पना कर सकते है।परन्तु दोनो आला अधीकारीयो ने इतनी बड़ी चुनौती को अंगीकार कर योजनाबद्ध रूप से सरकार और देश की बड़ी अदालत के फरमानों पर खरे उतरने में कामयाब रहे।उनकी कामयाबी का सबसे बड़ा असर आज मीलादुन्नबी पर्व पर तब देखने मे आया जब कलेक्टर तेजस्वी एस नायक और एस पी के कार्तिकेयन सीधे जिला मुख्यालय की मस्जिद में पहुचे और मुस्लिमो के दो बच्चो को गोद मे लेकर सभी मुस्लिम भाइयो को बधाई दी यह फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही जिले के अनेक जगह मुस्लिम बंधुओ ने ईद मिलादुन्नबी का जुलूस हाथ मे तिरंगा थामे निकालकर गंगा जमुनी तहजीब की अमिट मिसाल को बनाए रखा।कुलमिलाकर फैसले का दिन और आज का मुस्लिम पर्व इन पगतीयो के लिखे जाने तक पूरे अमन और शांति के साथ संपन्न हुआ।जिले के लोगो की प्रतिक्रिया में जो तथ्य सामने आया उसका सम्पूर्ण श्रेय कलेक्टर एस पी के साथ उनके मैदानी अमले को जाता है।जिन्होंने मुस्तैदी से अपनी जिम्मवारी का निर्वहन किया।

 

बैतूल के लिए कलेक्टर ,एस पी अमन के फरिश्ते बनकर उभरे है।इस माहौल में नुसरत मेहंदी की दो लाइने बैतूल के लोगो पर मौजू है फ़ज़ा ये अमन ओ अमा की सदा रखे कायम। सुनो ये फ़र्ज़ तुम्हारा भी है हमारा भी।।