ओबीसी की जातीय गणना कर आरक्षण की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन।

ओबीसी की जातीय गणना कर आरक्षण की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन।
तहसीलदार सृष्टि डेहरिया को ज्ञापन सौंपते हुए डॉ बी पी चौरिया एवं ओबीसी प्रतिनिधि मंडल

आमला: ओ बी सी पिछड़ा वर्ग की जातीय गिनती कराने आज प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन आमला तहसीलदार श्रष्टी डेहरिया को डॉ बी पी चौरिया और अधिवक्ता सतीश देशमुख के नेतृत्व में सौंपा गया।इस अवसर समाजसेवी चंद्रशेखर पंडोले भी उपस्थिति थे।

ज्ञापन सौंपते समय डॉ बी पी चौरिया ने कहा कि ओ बी सी के संवैधानिक हक अधिकार की आवाज जो आमला से गुंजायमान हुई है वह दिल्ली तक जाएगी।आजादी के 70 बरस बाद भी समाज के एक बहुत बड़े वर्ग ओ बी सी समाज जिनकी संख्या लगभग 75 से 80 करोड़ है इनकी जातीय गणना आज तक नही हुई।समाज के अन्य वर्गों की गणना तो हुई किंतु इस वर्ग को हमेशा छोड़ दिया गया।इससे ये वर्ग हमेशा उपेक्षित रहा,किंतु अब देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी से ये उम्मीद है कि इस बार 2021 की जनगणना वर्ष में ओ बी सी की जनगणना अवश्य करवाएंगे।इस बावत ये ज्ञापन सौंपा जा रहा है।
ज्ञापन में उल्लेख किया है कि 2021 की जनगणना वर्ष में ओ बी सी की जातीय जनगणना कर आंकड़े सार्वजनिक किए जाए।जनसंख्या के अनुपात में संविधान के 340 आर्टिकल के तहत विधानसभा लोकसभा क्षेत्रो को आरक्षित किया जाए।न्यायपालिका में भी उच्चतम एवं सर्वोच्च न्यायालय में जजो के पदों में भी आरक्षण दिया जाए।शासकीय नौकरियों की नियुक्तियों में एवं शिक्षण संस्थानों में क्रीमीलेयर को समाप्त किया जाए।मंडल आयोग की 2 ही सिफारिश लागू की है शेष 22 सिफारिशें लागू की जाए।निजीकरण में भी आरक्षण का लाभ दिया जाए।
  ज्ञापन देते समय डॉ बी पी चौरिया,एडवोकेट सतीश देशमुख,चंद्रशेखर पंडोले,एस एस पंडागरे प्राचार्य,एडवोकेट महेश सोनी,समाजसेवी प्रमोद हारोडे,मनोज विश्वकर्मा,राकेश धामोड़े पार्षद,संजय माथनकर,अनिल सोलंकी, कुमार,संजय साहू,दिनेश सोनी,विनोद बनखेड़े, एडवोकेट,मो शफी खान एडवोकेट रोहित दुबे, आदि उपस्थित थे।