प्रसिद्ध स्थान अंबा माई धारूड में श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं होती है पूरी।*

प्रसिद्ध स्थान अंबा माई धारूड में श्रद्धालुओं की  मनोकामनाएं होती है पूरी।*
प्रसिद्ध स्थान अंबा माई धारूड में श्रद्धालुओं की  मनोकामनाएं होती है पूरी।*
प्रसिद्ध स्थान अंबा माई धारूड में श्रद्धालुओं की  मनोकामनाएं होती है पूरी।*
प्रसिद्ध स्थान अंबा माई धारूड में श्रद्धालुओं की  मनोकामनाएं होती है पूरी।*
(भैसदेही :राहुल कुमार की रिपोर्ट) भैंसदेही:- आज हम आपको ले चलते हैं ऐसे स्थान पर जहां गुफा में मां अंबा की रही तपोस्थली मध्यप्रदेश के आठनेर से 70 किमी दूर दक्षिण दिशा में मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र कि सीमा पर स्थित भैंसदेही विधानसभा क्षेत्र के ग्राम धारूड से 3 किमी ऊंचे-ऊंचे पर्वतों के घने जंगल के बीच पहाड़ों में 50 फिट अंदर गुफा में माँ अम्बा विराजमान हैं इस गुफा कि शिला से वर्ष भर निरन्तर पानी कि बुंदे टपकती रहती है नवरात्र में यहां माता के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहता है मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र से लोग आकर अपनी मनोकामना पूर्ण करते हैं तो वहीं नव दिनों तक कुछ भक्त सेवा भाव से माता के दरबार में सेवाएं भी देते हैं। इस स्थान कि खोज महाराष्ट्र परतवाड़ा कि तपस्वी मंगला माई ने कि ऐसा माना जाता है कि महाराष्ट्र परतवाड़ा कि सामान्य परिवार में रहने वाली 70 वर्षीय मंगला माई जो परिवार समाज को छोड़कर भक्ति के मार्ग पर चल पड़ी परन्तु जिस भी स्थान पर वह जाती उसे वहां रहने नहीं दिया जाता परेशान मंगला माई सालबर्डी महादेव मंदिर गई वहां पर उसे स्वपन में भगवान शिव ने मंगला माई को धारूड जाने को कहा और वह धारूड के घने जंगलों के बीच पहाड़ों की गुफा जो विरान जगह थी कहते हैं वहां जंगली जानवर भी रहते थे जिससे उस स्थान पर किसी का आना जाना नहीं था परन्तु मंगला माई ने गुफा में विराजमान अंबा माई के दर्शन किए और उसी स्थान पर पानी, पत्तों , फलों के सहारे उस घने जंगल में अकेली ही रहकर तपस्या करती थी, लोगों की मानें तो उसके पास माता की सवारी शेर को भी देखा गया मंगला माई कि वानी में अंबा माई निवास करती थी जो मंगला माई कहती वहीं होता था, कहते हैं वह भविष्य को जानने वाली शक्ति थी धिरे धिरे लोग मंगला माई से मिलने आने लगे और इसी के बाद इस स्थान के चमत्कारो से प्रचार प्रसार होने लगा और लोगो की मनोकामनाएं भी पुरी होने लगी और आज यहां हजारों की संख्या में लोग दर्शन के लिए आते हैं , मंगला माई के मृत्यु के बाद समिति द्वारा गुफा के आगे मंगला माई की मुर्ति स्थापित कि जिससे लोग गुफा में अंबा माई के पहले उसकी तपस्वी भक्त मंगला माई के दर्शन करते हैं, मंदिर पुजारी, कि मानें तो अंबा माई 50 फिट अंदर गुफ़ा में विराजमान हैं और हर मनोकामना को पूर्ण करती है कई नि:संतान माताओं कि गोद भरी तो बीमारी से परेशान व्यक्ति ठिक हुए नवरात्र में माता के दर्शन मात्र से फल कि प्राप्ति होती है,और यह स्थान माता की तपोस्थली है नामदेव देशमुख मंदिर समिति सदस्य_ इन्होंने बताया कि मैंने कई वर्ष पहले मंगला माई के साथ समय बिताया और मंगला माई कि सेवा भी कि अकेले इस घने जंगल में रहकर निरन्तर मां अंबा माई कि तपस्या करती, इस विरान जंगल में अकेली ही इस गुफा में पानी और फल फुल खाया करती थी हम कभी कभार माता के दर्शन के लिए यहां आया करते थे मंगला माई एक दिव्य शक्ति थी जो कहती वहीं होता था मैं खुद इस बात का प्रमाण हूं और उन्ही के वजह से इस स्थान को लोग जानने लगे यह स्थान तपस्थली है यहां हर मनोकामना पूर्ण होती हैं (मोहनरिषभ करोसीया अमरावती महाराष्ट्र) इनकी मानें तो मंगला माई इनके परिवार से ही थी परन्तु वह धार्मिक आस्था के चलते हमेशा एकांत में तपस्या किया करती थी और यहां आकर मां अंबा माई की इस स्थल पर भी तपस्या की मेरे सामने आपरेशन बताए पेशेन्ट को यहां लाकर मंगला माई ने अंबा माई से प्रार्थना कर पुर्ण स्वस्थ किया मैंने कई बार यहां चमत्कार देखें है और मैं हर वर्ष यहां नवरात्र में आकर माता कि आराधना करता हूं, बैतूल जिले के प्रसिद्ध स्थान अंबा माई धारूड जो हर संसाधन से परिपूर्ण है परन्तु आज तक इस स्थान को पर्यटक स्थल में सामिल नहीं किया गया, इसके लिए अंबा माई समिति द्वारा मध्यप्रदेश सरकार को फाइल दे चुकी परन्तु आज तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया, *मंदिर समिति की और श्रद्धालुओं की सरकार से मांग* व्यवस्थाओ के अभाव को लेकर कई बार शासन के समक्ष रखने के बाद भी शासन द्वारा वर्तमान दिनांक तक जो भी अति आवश्यक व्यवस्थायें यहाँ होना चाहिए उनको नजर अंदाज करती नजर आ रही है मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए सार्वजनिक शौचालय , पीने के पानी की व्यवस्था , और दूर -दराज से आने पर श्रद्धालुओं के लिए विश्राम गृह की कोई व्यवस्था नही है। ग्राम धारूड़ से अंबा माई तक रोड की खस्ता हालत होने से आने में काफी परेशानी होती है हमेशा दुर्घटना का भय बना होता है श्रद्धालुओं एवं मंदिर समिति ने सरकार एवं जनप्रतिनिधियों से मार्ग को बनवाने एवं यहां होने वाली समस्त समस्याओं को शीघ्र पूरी करने की मांग की।