MANDAY पॉजिटिव :- जिले में मास्क मेन नाम से बनी पहचान

बैतूल : आज इस कोविड 19 ने पूरे देश सहित पूरे विश्व को जकड़ने लगा है , ऐसे में इस भयानक बीमारी से बचने के लिये कुछ सावधानियां बहोत जरूरी हैं जैसे कि सोशल डिस्टेंस, चेहरे पर मास्क , स्वस्थ भोजन , जितना हो सके अपने आप को सेनेटराइज करते रहे । पूरे देश मे इस बीमारी से बचाव के लिये हर कोई अपना अपना योगदान दे रहा हैं , कोई भोजन , कोई अगर घर से दूर है तो उसको घर पहुँचाने , मास्क वितरण और जानकारी के साथ सेनेटाइजर वितरण कर अपना योगदान दे रहे है कोई नाम के लिये तो कोई अपना फ़र्ज समझ कर । ऐसेही हमारे जिले के एक युवक जिनका नाम हैं "सुनील सरियाम " जो पेशे से पावर प्लांट सारणी में एक असिस्टेंट इंजीनियर हैं । सुनील सरियाम जो हमने जब भी देखा हैं वह अपनी कर्मभूमि में सदैव लंच के कुछ समय को बचाकर आज कल जो लोग बीड़ी सिगरेट और मोबाइल में बतिया कर फिजूल गवा देते है वही सुनील कुमार अपने प्लांट हो या गरीब मजदूर जो आस पास में रहते है उनसे मिलते है और उनकी जरूरत की चीजें ,सामान और उनकी समस्या को हल करने में लगे रहते है । सुनील कुमार का मानना है कि जितना हो सकें हम लोगो की मदत करते रहे , इसकी खुशि का अनुभव एक अलग ही आनंद देती हैं जब कोई मजबूर गरीब मजदूर या परिवार अपनी जरूरत का सामान पाता हैं और मन मे अनेक दुवा और आंखों में स्नेह वह आंनद कुछ अलग ही होता हैं , बस इसी लिये मैं जहाँ भी कोई गरीब मजबूर और लग्ता हैं उसकी मदत करनी चाहिए जरूर करता हूँ । सुनील कुमार जहां काम करते है वह क्षेत्र धूल और प्रदूषण से घिरा रहता हैं ऐसे में इससे बड़ा बचाव मास्क हैं जो इससे बचाता हैं तो सुनील कुमार निरन्तर पिछले 2 साल से अपनी गाड़ी और साथ मे मास्क रखते है ताकि प्लांट के अंदर और बाहर जिसका भी मास्क खराब होजाता या नही होता हैं उनको वह अपनी तरफ से मास्क दे देते हैं । वही दूसरी ओर जिस तरह से आज कोविड 19 की कोरोना बीमारी फैल रही हैं ऐसे में आम जन को मास्क बहोत जरूरी हैं ऐसे में सुनील कुमार लगातार अपने काम से समय निकाल कर और कई बार अपने लंच को न करते हुए लोगो की मदत के लिये निकल पड़ते है । जिला पावर इंजीनियरिंग असोसिएशन के सचिव और मीडिया प्रभारी का पद होने के साथ साथ वे अपने आदिवासी समाज मे हर संभव प्रयास करते है कि वह किसी न किसी तरह से आज जिस तरह से समय चल रहा हैं जहां हर कोई परेशानी के दौर से गुजर रहा हैं वह मदत के लिये तैयार रहते है । ख़ास बातचीत में बताया कि सुनील कुमार जिस तरह से मास्क वितरण करते आ रहे है अब लोग उनको "मास्क मेंन "के नाम से पुकारने या जानने लगे है । अभी तक वह लगभग 51 हजार से ऊपर मास्क वितरित कर चुके है और यह मास्क वे किसी की मदत ने लेते हुए स्वंय की सैलरी से कुछ हिस्सा निकल कर लगातार करते आ रहे है । उनका मानना हैं कि हम पैसा , रुतबा तो काम सकते है पर लोगो को स्नेह और अपना पन और सबसे बड़ा है मन मे ख़ुसी इस तरह से ही पा सकते है और इसमें उन्हें आनंद भी मिलता हैं । वह इसके अलावा सामाजिक कार्य मे भी हमेशा सक्रिय रहते है । इन सब मे जो एक नई पहचान सुनील सरयाम जी ने पाई हैं " मास्क मेन" वह तारीफे काबिल हैं । इस पहचान से लोग भी खुश है और बस काम करना चाहते है , नाम या और कोई उनका उद्देश्य नही है ।हमारा भी प्रयास रहता हैं कि इस तरह से पॉजिटिव मंडे में हर बार आपको एक नई सख्सियत से आपको परिचित करते रहे । पाठक आप भी जब घर से बहार निकले तो मास्क और जरूरत और सुरक्षा की सारी चीजें साथ रखे ।