बैतुल : बेरोजगारी और प्रदेश में नए उद्योगों के न आने से युवको ने जताई नाराज़गी : पुतला दहन और दिया धरना प्रदर्शन ।

बैतुल : बेरोजगारी और प्रदेश में नए उद्योगों के न आने  से युवको ने जताई नाराज़गी : पुतला दहन और दिया धरना प्रदर्शन ।
बैतुल : बेरोजगारी और प्रदेश में नए उद्योगों के न आने  से युवको ने जताई नाराज़गी : पुतला दहन और दिया धरना प्रदर्शन ।
बैतुल : बेरोजगारी और प्रदेश में नए उद्योगों के न आने  से युवको ने जताई नाराज़गी : पुतला दहन और दिया धरना प्रदर्शन ।
बैतुल : बेरोजगारी और प्रदेश में नए उद्योगों के न आने  से युवको ने जताई नाराज़गी : पुतला दहन और दिया धरना प्रदर्शन ।
बैतुल : बेरोजगारी और प्रदेश में नए उद्योगों के न आने  से युवको ने जताई नाराज़गी : पुतला दहन और दिया धरना प्रदर्शन ।
बैतूल : प्रदेश में लगातार बढ़ती बेरोजगारी और काम की कामो अब छोटे शहरो में भी दिखाई देने लगी हैं । जिस तरह से कल 24 सितम्बर को ग्रेजवेट हुए इंजीनियर और मैनेजमेंट के छात्रों और युवाओ द्वारा सयुक्त रूप से जिले के नेहरू पार्क के पास अम्बेडकर जी के पुतले के पास सविधान को हाथों में लिये युवा प्रदेश सरकार से और केंद्र सरकार से यही मांग कर रही थी कि झुटे वादो और सपनों से निकलकर प्रदेश के सबसे बड़े मुद्दे बेरोजगारी पर ध्यान दिया जाए । नई यूनिट , उद्योगों का स्थापित करवाये , रोजगार के लिये नए आयाम स्थापित करे ताकि लोगो को रोजगार से जोड़ा जा सके। आज हर घर मे पढ़ा लिखा ग्रेजवेट बेरोजगार बैठा हैं और जी तरह से प्रदेश के मुखिया 25 हजार शासकीय नौकरी पर देने की बात कर रहे है जो ऐसा लगता हैं ऊठ के मुहके जीरा जैसा हैं । प्रदर्शन करने वाले कहते हैं कि - 2014 में चुनाव के पहले तत्कालीन सरकार ने दो करोड़ नौकरी लाने का वादा किया था जिसमें क्यों नाकाम रही साथी NSSO के आकलन के मुताबिक 48 वर्षों में सबसे ज्यादा बेरोजगारी इन 6 वर्षों में आई है बेरोजगार को रोजगार के लिए नए उद्योग नहीं खोले जा रहे हैं एवं शासकीय नौकरियों में वैकेंसी नहीं निकल रही है जिससे कि आज का युवा परेशान होकर इस तरह के आंदोलन करने पर मजबूर हो चुका है आजकल के युवाओं की बेरोजगारी की समस्या इतनी बढ़ गई है कि मानसिक संतुलन खराब होने के कारण छात्र आत्महत्या करने की तक कोशिश कर चुके हैं ऐसा में आए दिन देखने को मिलता है इस आंदोलन के द्वारा समस्त युवा बेरोजगारों की ऐसी स्थिति को देखते हुए अगर तत्कालीन सरकार बेरोजगारों के लिए कुछ रोजगार की व्यवस्था नहीं करता है तो इन युवा बेरोजगारों द्वारा उग्र आंदोलन भी किया जा सकता है यह चेतावनी देते हुए तत्कालीन सत्कार के नेतृत्व करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का पुतला जलाकर युवा बेरोजगारों ने आक्रोश जताया जिसमें भारी संख्या में युवा मौजूद रहे जोकि अपनी पढ़ाई में कईयों पैसा खर्च कर चुके हैं और उन्हें रोजगार नहीं मिल पा रहा है जिससे नाराज होकर भारी संख्या में इस बेरोजगार आंदोलन में युवा लोग मौजूद रहे