फिर जिला अस्पताल की लापरवाही आई सामने ,घायल अवस्था मे मरीज कनारते हुए ड्रिप बॉटल पकड़कर हुआ भर्ती , अटेंडर की कमी

फिर जिला अस्पताल की लापरवाही आई सामने ,घायल अवस्था मे मरीज कनारते हुए ड्रिप बॉटल पकड़कर हुआ भर्ती , अटेंडर की कमी
फिर जिला अस्पताल की लापरवाही आई सामने ,घायल अवस्था मे मरीज कनारते हुए ड्रिप बॉटल पकड़कर हुआ भर्ती , अटेंडर की कमी
फिर जिला अस्पताल की लापरवाही आई सामने ,घायल अवस्था मे मरीज कनारते हुए ड्रिप बॉटल पकड़कर हुआ भर्ती , अटेंडर की कमी
बैतूल: फिर जिला अस्पताल में नदारत मिलें कर्मचारी 108 से उतरकर स्वयं घायल द्वारा कनारते हुए अपनी बॉटल हाथ मे पकड़ कर भर्ती किया गया । मामला साम लगभग 5:30 मिनिट का हैं जहाँ पर शाहपुर से बैलगाड़ी के अनियंत्रित होकर बैलो के बीचक जाने से सामने से आ रही मोटरसाइकिल के आमने सामने की भिड़त से बाईक सवार अवधेस उइके घायल हो गया । जानकारी के अनुसार बैलगाडी से किसान भौरा से सामान लेकर बानाबेड़ा शाहपुरा की तरफ जा रहा था वही सामने से बानाबेड़ा से बाइक पर सवार अवधेश उइके शाहपुर जा रहा था कि उनकी आमने सामने की टक्कर में बाइक सवार जख्मी हो गया । घटना 2 : 30 बजे दोपहर की बताई जा रही हैं। घायल को 108 की मदत से जिला अस्पताल में लाया गया । अस्पताल में स्ट्रैचर पर 108 के कर्मचारियों द्वारा अंदर कागजी कार्यवाही करने गए थे । इस स्थिति में एक ही अटेंडर या अस्पताल कर्म कर्मचारी द्वारा स्ट्रेचर पर कनारते हुए घायल अवधेस को एक हाथ मे ड्रिप चढ़ी बॉटल को हाथों में लेकर जाना पड़ा। वही गेट पर तैनात गार्ड द्वारा एक बेहोश विकलांग को उतारने में मदत की जा रही थी । पर यह एक फिर हॉस्पिटल प्रबन्धन पर सवालिया निशान खड़े हो रहे है कि इतने बड़े जिला मुख्य अस्पताल में जब कि एक दिन पहले ही अटेंडरों की कमी और अनुपस्थिति के कारण एक प्रशुता कि डिलेवरी सीढ़ियो पर हो गयी तो फिर से इस तरह से अटेंडर के गायब रहने और इसकी कमी को पूरा करने में अस्पताल प्रशासन क्यों पिछड़ रहा हैं । यह सवाल भले ही छोटा है पर इस तरह की लापरवाही साफ कर देती हैं कि नितन्तर अस्पताल प्रशासन की दिन ब दिन खामियां और इसके परिणाम आम गरीब लोगो को झेलनी पड़ रही हैं ।