जेल प्रशासन से प्रताड़ित होकर , कैदियों ने उठाया था आत्महत्या का कदम , खाना मागने पर नंगा कर पेड़ से लटका कर मारने के लगे आरोप

बैतूल : अपराधियों को जेल में अपने किये गए अपराधों की सजा और उसमें अपने आचरण , विचार उधार करने के लिये रखा जाता हैं ताकि जब अपनी सजा पूरी करके निकले तो वह आपराधिक कार्य करने की सोच से निकलकर समाज मे एक अच्छे इंसान की तरह ही जीवन यापन करे । किंतु आज सुबह से जिला जेल में दो अपराधियों द्वारा फिनाईल पी लेने पर दिन भर सबकी नजर उन अपराधियों के होश और सच्चाई का सामने लाने की राह देखी जा रही थी । सुबह अपने इस घटना पर एक बार तो जेल के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा मिडिया से मिलने पर टालमटोल करते नजर आए किंतु फिर से प्रयास व गुजारिश करने पर बताया गया कि दोनों अपराधियों द्वारा क्लीनर की गलती से यह घटना हुई और सारा गलतियों का पिटारा उस क्लीनर पर डालने की बात कही जा रही थी ।किंतु इस मामले पर से पर्दा उस समय उठा जब दोनो कैदियों में से एक हो होश आ गया । यहाँ जिला अस्पताल में व्यवस्था न होने के एवज में दोंनो आपराधिक मरीजो को भोपाल रैफर कर दिया गया। भोपाल जाने से पहले जब उनसे इस तरह के कदम उठाने की मजबूरी पर सवाल किया गया तो हकिगत जानकर दंग रह जायेंगे की वह अपराधी तो हैं पर किसी अपराधी को खाना मांगे जाने पर नग्न कर मारने और बार बार प्रताड़ित करने की जो बात , अंदर पेड़ पर उल्टा लटकाने की बात इस तरह की प्रताड़ना के लिये कोई भी कानून में नही है कि यह करना हैं । जिस तरह से दो में से एक के द्वारा जिला जेल और सम्बंधित जेल प्रभारी के बताए जाने पर भी इस तरह से मारना पीटना , खाना नही देना अपराधी की हालत बया कर रही हैं । अब बहोत से सवालिया निशान खड़े हो रहे है जेल प्रशासन पर की इस तरह से खाने और अन्य मामलों में सजा काट रहे कैदियों को यातना देना किस तरह से सही हैं । आपको बता दे कि दोनो अपराधी अलग अलग मामले में अपराध की सजा काट रहे है । इसमें एक अपराधी मन्टू शंकर मिश्रीलाल हमलापुर बैतूल 302 का अपराधी वही ब्रजेश मालवी अर्जुन नगर 376 का अपराधी हैं । अब देखने की बात यह हैं कि इस भूख के लिये इस तरह की प्रताड़ना पर क्या कार्यवाही और किस किस पर की जाएगी यह जाँच का विषय बन गया हैं ।