देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए प्रायोजन (स्पॉन्सरशिप) योजना

देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए प्रायोजन (स्पॉन्सरशिप) योजना
------------------------ बैतूल : जिले में देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की वैकल्पिक देखभाल हेतु स्पॉन्सरशिप के माध्यम से जनसामान्य, औद्योगिक इकाइयों, प्राइवेट कम्पनियों, संस्थाओं आदि को पात्र बच्चों की सहायता हेतु विस्तृत संभावनाएं निर्मित हो गई है। पूर्व में मप्र में केन्द्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में सहायता हेतु विस्तृत विकल्प उपलब्ध नहीं थे, जिससे इस क्षेत्र में बच्चों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा था। स्पॉन्सरशिप योजना के अंतर्गत दो प्रकार से सहायता दी जा सकती है। निवारण प्रायोजन के अंतर्गत अभाव या शोषण वाली परिस्थितियों में गुजर-बसर करने वाले परिवारों के बच्चों को अपने परिवार में रखने के लिए सक्षम बनाने में सहयोग किया जाता है तथा पुनर्वास प्रायोजन के अंतर्गत बाल देखरेख संस्थाओं में निवासरत सहायता प्रदान कर उनके परिवार में उन्हें पुनर्वासित किया जा सकता है। राज्य शासन द्वारा नवीन दिशा-निर्देशों में सरकारी सहायता के अतिरिक्त निजी प्रायोजन का विकल्प भी मुख्य रूप से जोड़ा गया है और सहायता उपलब्ध कराने के भी कई माध्यम और विकल्पों को भी जोड़ा गया है ताकि नवीन दिशा-निर्देशों में बाल प्रायोजन हेतु कम्पनियों व औद्याोगिक इकाइयों को सीएसआर (कार्पोरेट सोशल रिस्पोंसबिलिटी) के अंतर्गत भी सहायता प्रदान करने का विकल्प उपलब्ध कराया गया है। किसी भी प्रायोजक द्वारा प्रदाय सहायता राशि तथा उसके व्यय का पूर्ण विवरण पारदर्शिता के साथ विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन देखने की व्यवस्था की जा रही है। जिले में देखरेख एवं संरक्षण अधिकारी/जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास, बाल कल्याण समिति या कार्यालय परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास से सम्पर्क किया जा सकता है।