बैतूल बाजार में महिलाओं को किया निर्भया ने जागरूक महिला अपराधों पर अंकुश लगाने एसपी के मार्गदर्शन में चल रहा अभियान

बैतूल बाजार में महिलाओं को किया निर्भया ने जागरूक महिला अपराधों पर अंकुश लगाने एसपी के मार्गदर्शन में चल रहा अभियान
बैतूल: महिला अपराधों के साथ-साथ समाज में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए एसपी सिमाला प्रसाद के मार्गदर्शन में महिला निर्भया टीम एवं सामाजिक संगठन के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। मंगलवार को बैतूल बाजार थाना क्षेत्र में निर्भया प्रभारी एसआई ममता दीवान, थाना बैतूल बाजार के एसआई बीएस तोमर एवं बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति की अध्यक्ष व पत्रकार गौरी पदम, सहसचिव ईश्वर सोनी ने महिला जागरूकता कार्यक्रम में महिलाओं को विभिन्न जानकारियां दी। निर्भया प्रभारी ममता दीवान ने महिलाओं को किसी भी तरह के अपराध का संदेह होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने के लिए प्रेरित किया। साथ ही महिलाओं के साथ हो रहे शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक शोषण के विरूद्ध आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने महिला हेल्प लाईन नंबर, ऊर्जा डेस्क, डॉयल-100, आसपास योजना के अलावा महिला सेल एवं निर्भया के नंबर कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं के साथ सांझा कर किसी भी तरह की परेशानी होने पर तत्काल फोन लगाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में मौजूद एसआई बीएस तोमर ने समाज में बढ़ रहे अपराधों के प्रति सतर्क रहने की बात कही। साथ ही 1 जुलाई को जिले में एसपी सिमाला द्वारा आत्महत्या की बढ़ती वारदातों में कमी लाने की मंशा से आसपास सेवा प्रारंभ की है। इस नवाचार के माध्यम से तीन हेल्प लाईन नंबर जारी किए है, जिस पर 24 घंटे पुलिस समस्या सुनने के लिए तत्पर है। आत्महत्या करने का विचार मन में आने से पहले या अवसाद ग्रस्त व्यक्ति इन नंबरों पर फोन करके पुलिस की मदद ले सकता है। उन्होंने कहा कि हेल्प लाईन नंबर, डॉयल-100, 1090,1098 एवं आसपास सेवा के लिए जारी किए गए तीनों नंबरों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं, ताकि जरूरतमंद इसका लाभ ले सके। इस दौरान श्रीमती पदम ने अपने आसपास हो रही संदिग्ध गतिविधियों की की सूचना भी पुलिस तक पहुंचाने में सहयोग करने की अपील की। घरेलु हिंसा एवं अन्य अपराधों का शिकार हो रही महिलाओं को शिकायत करने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं घर के अंदर अपराधों का शिकार हो रही है, फिर भी शिकायत नहीं करती है। बेटियां सायबर मामलों में फंसने की वजह से अवसाद ग्रस्त हो रही है। सोशल मीडिया पर नए दोस्त बनाने के दौरान सावधानियां रखे और अपने घर, परिवार की जानकारी नए लोगों से सांझा न करे। मोहल्ले में या आसपास कोई भी संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो तत्काल पुलिस को सूचित करे। समाज को अपराध मुक्त बनाना पुलिस के साथ-साथ हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। इस दौरान  महिला आरक्षक 304 संतोषी रघुवंशी, आरक्षक शालू परमार, रूपा, सरिता द्वारा विभिन्न जानकारियां दी गई। पुलिस टीम ने स्वावलंबन केन्द्र की महिलाओं से कहा कि दिन में एक बार अपने बच्चों के मोबाईल नंबर चेक करना न भूले। अक्सर सोशल मीडिया के माध्यम से बच्चे गलत संगत एवं झांसे का शिकार हो जाते है। ऐसे में निगरानी जरूरी है। समाज में महिलाओं के प्रति अपराध कम करने में हर व्यक्ति की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसलिए जरूरी है कि हर व्यक्ति बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंता करें।