चर्चा चौराहे की बेगुनाहों पर लादा मामला,बैतूल पुलिस की जांच पर उठ रहे सवाल

बैतूल (ब्यूरो )
बिते दो-तीन दिन पूर्व बैतूल-रानीपुर मार्ग पर बुलेरो वाहन में वार्तालाप कर रहे कपल के साथ मारपीट कर युवती के साथ दुराचार का प्रयास करने और उनसे रुपये लूटने की घटना सामने आने के बाद लोगो मे चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। चौक चौराहों पर लोग दबी जबान में एक दूसरे से कहते नजर आ रहे है की इस तरह की वारदात के पीछे जिले के एक मोटरयान घराने से ताल्लूक रखने वाले तीन चार युवाओं की एक गैंग काम कर रही जो बिते कुछ महीनों में एक दर्जन से ज्यादा युगल जोड़े को अपना शिकार बना चुके है।चर्चा तो ये भी हो रही है की ये शातिर गैंग अपने शिकार किये गए कपल को लंबे समय तक ब्लेक मेल करते हुए उनका आर्थिक और दैहिक शोषण भी करते है। कहा ये भी जा रहा है की लंबे समय से काम कर रही इस गैंग के सदस्य अपने शिकार किये हुए कपल को इतना ख़ौफ़जदा कर देते है की वो अपने साथ हुई घटना के विषय मे ना तो अपने किसी रिस्तेदार या सगे संबंधी से जिक्र करते है। और ना ही पुलिस को इस मामले की शिकायत करते है। सुनने में आया है की इस युगल जोड़े के शिकायत दर्ज करवाने की हिम्मत को देखते हुए इस गैंग के शिकार हुए कुछ और जोड़े अपने साथ हुई घटना की शिकायत करने का मन बना रहे है। इधर मामले की शिकायत होने के बाद पुलिस भी उन कपलो के संपर्क साधने में जुट गई है जो बिते महीनों में इस गैंग के शिकार हुए।फिलहाल आज जैसे ही इस तरह से होने वाले गैंगरेप की शिकायत आई तो पुलिस ने गहराई से तफ्तीश करने के बजाय आदिवासीयो पर ही इस गैंगरेप का मामला लाद दिया जिसको लेकर बैतूल पुलिस सवालों के घेरे में है।शहर की चर्चा के लिहाज से इस मामले को देखे तो कांग्रेस की सरकार आते ही एक वर्ग विशेष के बदमाश पुनः हरकत में आ गए और इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने लगे है।इस तरह के लोगो को काँग्रेस पार्टी का वरदहस्त मिलने लगा है इस तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है।सार्वजनिक रूप से यह भी चर्चा है की आदीवासी संस्कृति के मायने निकाले जाए तो उन्हें गैंगरेप करने की जरूरत ही नही है।उसके बावजूद आधा दर्जन से अधिक लोगो को पुलिस ने उनको आरोपी बनाकर बुरी तरह से उलझा दिया।जबकी कांग्रेस का यही असली वोट बैंक है परन्तु कोई जनप्रतिनिधी उनके साथ इंसाफ करने को तैयार नही है।हम मामले की पड़ताल में जुटे है।