गांव की इस बेटी ने इस तरह मनाया अपने पिता का जन्मदिन की गांव के अलावा पूरा देश ने मनाई खुशियां: पड़े यह था कारण।

गांव की इस बेटी ने इस तरह मनाया अपने पिता का जन्मदिन की गांव के अलावा पूरा देश ने मनाई खुशियां: पड़े यह था कारण।
गांव की इस बेटी ने इस तरह मनाया अपने पिता का जन्मदिन की गांव के अलावा पूरा देश ने मनाई खुशियां: पड़े यह था कारण।
गांव की इस बेटी ने इस तरह मनाया अपने पिता का जन्मदिन की गांव के अलावा पूरा देश ने मनाई खुशियां: पड़े यह था कारण।
गांव की इस बेटी ने इस तरह मनाया अपने पिता का जन्मदिन की गांव के अलावा पूरा देश ने मनाई खुशियां: पड़े यह था कारण।
गांव की इस बेटी ने इस तरह मनाया अपने पिता का जन्मदिन की गांव के अलावा पूरा देश ने मनाई खुशियां: पड़े यह था कारण।
चिचोली : जहाँ आज पूरा देश भगवान राम के अयोध्या में मंदिर की नींव रखने को लेकर ऐतिहासिक बन गया वही बैतुल के चिचोली ब्लाक के चुनाहजुरी के चिकित्सा अधिकारी होने के साथ एक बेटी ने अपने पिता के जन्मदिन को इस तरह मनाया की गांव के सभी गरीब बुजुर्ग और बच्चों के चहरे पर मुस्कुराहट और खुशिया देखते बन रही थी । हम बात कर रहे है ग्राम चुना हजूरी के अनेक नामो से विख्यात साई राम सर, शिक्षक ,साहित्यकार कवि गायक, सत्य साईं सेवा समिति के भूतपूर्व जिला आध्यात्मिक प्रभारी बैतूल) श्री लक्ष्मी नारायण बरबड़े जी जिनका इस वर्ष 67 वे. जन्म दिवस पर कार्यक्रम किया गया। आपको बता दे पिछले कुछ दिनो पहले ही लक्ष्मीनारायण जी की हृदयगति रुक जाने से पँचविलिन में शामिल हो गए है । हर वर्ष इस तरह से ही वह अपना जन्मदिन को गरीब बुढो , बच्चें को वस्त्र , अनाज और जरूरत की चीजें देकर मनाया करते थे , जिसको निरन्तर करते हुए उनकी बेटी डॉ. अंकिता वरवड़े ने कायम रखा हैं । बता दे कि अंकिता वरवड़े एक स्वास्थ्य अधिकारी के अलावा युवा हिंदू वाहिनी की प्रदेश उपाध्यक्ष, श्री सत्य साईं समिति युवा संयोजिका भी हैं । कल उनके जन्मदिन पर ग्राम इमलीढाना में बुजुर्ग दादा-दादी के शुभ हाथों से मुनगा से वृक्षारोपण करवाया गया, सत्य साईं सेवा समिति संयोजक आशीष वरवड़े द्वारा द्वारा बुजुर्गों को वस्त्र वितरण किया गया, छोटे बच्चों को चॉकलेट बिस्किट इत्यादि दिए गए। इसी उपलक्ष पर डॉ राहुल आर्य द्वारा बच्चों को ओरल हाइजीन स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां प्रदान की गई, साथ ही, ब्रश और टूथपेस्ट का वितरण किया गया हाथ धोने हेतु साबुन का वितरण किया गया। तथा पंकज डोंगरे मलेरिया स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा मलेरिया से बचाव नियंत्रण उपचार इत्यादि की जानकारी दी गई। आशा कार्यकर्ता काशी नागले द्वारा गर्भवती तथा धात्री महिलाओं को विश्व स्तनपान सप्ताह (1aug to 07 August )के अंतर्गत स्तनपान की सही विधि के बारे में, तथा स्तनपान की पूर्व Corona मे सावधानियों के बारे में बताया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी अंकिता वरवडे़ ने बताया कि हमारे मध्य प्रदेश में बहुत से शिशुओ को को सही से स्तनपान ना करवाने के कारण मृत्यु हो जाती है, माता को केवल 6 माह तक स्तनपान ही करवाना चाहिए,शिशु को हर 2 घंटे में स्तनपान करवाएं और कई बार भी माता घर में काम के तनाव तथा अन्य कुछ कारणों से मानसिक तनाव के कारण शिशुओं को अच्छे से स्तनपान नहीं करवाती है जिसमें उन्होंने ग्राम के प्रत्येक सदस्य से गर्भवती माता तथा स्तनपान करवाने वाली माताओं को परिवार के सदस्यों सहयोग प्रदान करने की अपील की जिससे माताएं तनावमुक्त होकर शिशुओं को स्तनपान करा सकें। यह भी बताया गया कि एनएचएम द्वारा दिए हुए निर्देश के अनुसार तथा बैतूल में सीएमएचओ *डॉक्टर* *प्रदीप धाकड़ जी* के निर्देशानुसार जगह जगह पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा विश्व स्तनपान सप्ताह को सफलता पूर्वक मनाया जा रहा है। जिसका मुख्य उद्देश्य है स्तनपान हेतु माताओं को प्रोत्साहित करना और जागरूकता लाना। इसको सफल बनाने में ग्राम वाशियो के अलावा ग्राम के प्रथम नागरिक व जनप्रतिनिधि के रूप में ग्राम उपसरपंच इंदल कपडे उपस्थित रहे, ग्राम के महिला पुरुष तथा बच्चों ने कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और स्वास्थ्यवर्धक औषधीय मूंनगा वृक्ष रोपण किया स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया मुनगा का सेवन जो लोग प्रतिदिन करते हैं उन्हें किसी भी प्रकार की बीमारी नहीं होती है कुपोषण के लिए वरदान साबित है गर्भवती महिलाएं यदि इसका सेवन करती हैं तो उनका बच्चा स्वस्थ और प्रसव संबंधी कोई परेशानी नहीं आती है, पत्तियां, फूल या फिर फली इत्यादि का सेवन आप किसी भी रूप में करते हैं आप विभिन्न प्रकार की बीमारी गठिया रोग डायबिटीज, ब्लड प्रेशर ,मोटापा हाथ पैर जोड़ों का दर्द तथा अन्य विभिन्न प्रकार की समस्याएं से निजात पा सकते हैं । इसकी एक पत्ती में एक गिलास दूध और एक केला जितना पोषक तत्व होते हैं। यह पोषक तत्वों से भरपूर गुणवर्धी पौधा है। 40 मुनगा पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम के अंत में स्वल्पाहार वितरण किया गया तथा आशा कार्यकर्ता आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के द्वारा आभार व्यक्त किया गया, और ग्रामीणों के द्वारा सहजना वृक्षारोपण के लिए और अपने घरों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए संकल्प लिया गया।