मुलताई शासकीय पशु चिकित्सालय की स्थिति बद से बदतर

मुलताई शासकीय पशु चिकित्सालय की स्थिति बद से बदतर

डॉक्टर नहीं रहते हैड क्वार्टर पर

बाजार से खरीदनी पड़ती है दवाइयां पशुपालक परेशान

मुलताई - (अनीष नायर)

शहर के 10 किलोमीटर के अंदर के लगभग 40 गांव के पशुपालकों का एक ही सहारा शासकीय पशु चिकित्सालय मुलताई की स्थिति बद से बदतर हो गई है। लंबी दूरी तय करके आने के बाद पशुपालकों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पशुपालक बताते हैं कि उन्हें अधिकांश दवाइयां बाजार से खरीदनी पड़ती है। चिकित्सालय से कभी-कभी ही दवाइयां मिलती है। एक बड़ी परेशानी तब आती है जब दूर दराज से लोग अपने पशुओं को इलाज के लिए लाते हैं और उनके पशुओं को देखने के लिए चिकित्सक उपस्थित नहीं होता हैं। चिकित्सालय में अपने पशुओं का इलाज कराने पहुंचे उपस्थित लोगों से बात करने पर उन्होंने बताया कि यहां बड़े डॉक्टर की नियुक्ति तो हुई है लेकिन आज तक वह उन्हें देख भी नहीं पाए है। स्थिति यह है कि मुलताई शासकीय पशु चिकित्सालय का मुखिया कौन है यह तक नहीं मालूम है। प्राप्त जानकारी अनुसार यहां के आला अधिकारी हेड क्वार्टर पर नहीं रहते हैं और अप डाउन करते हैं जिससे समय पर कार्यालय में उपस्थित रह पाना मुश्किल हो जाता है। वर्तमान में मुलताई पशु चिकित्सालय में एक सर्जन एक डॉक्टर एवं दो सहायक पशु चिकित्सक नियुक्त है, इनमें से सहायक पशु चिकित्सक को अन्य ग्रामों में भी जाकर कैंप लगाकर इलाज कराना होता है जिससे अधिकतम उनका समय चिकित्सालय के बाहर ही गुजर जाता है। मुलताई शहर के आसपास के ग्रामों में पशुपालकों की संख्या अधिक है जिसके चलते बड़ी संख्या में पशुओं का इलाज कराने के लिए वे यहां पहुंचते हैं लेकिन सुविधाओं के अभाव में उन्हें बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।