गुदगांव सीमा जांच चौकी के हाल ससुन्दरा से भी खराब

गुदगांव सीमा जांच चौकी के हाल ससुन्दरा से भी खराब

गुदगांव सीमा जांच चौकी के हाल ससुन्दरा से भी खराब

R T O प्रभारी वीरेंद्र सिंग का एक और कारनामा उजागर?

बैतूल (प्रकाश खातरकर)

मध्यप्रदेश शासन ने प्रदेश की सीमाओं पर अनाधीकृत रूप से किसी भी सामान , वस्तुओं ,अन्य गतिविधीयो को रोकने के उद्देश्य से सीमा जांच चौकीया स्थापित तो कर दी है।उनमें बैतूल जिले काफी मायने रखता है कारण इस सीमावर्ती जिले से महाराष्ट्र की ओर जाने आने के तीन रास्ते है।और इन तीनों रास्तो पर ट्रको और अन्य वाहनों की कोई जांच नही होती है।केवल और केवल मनमानी एंट्री वसूल कर वाहनों को आसानी से इधर से उधर जाने की अनुमति मिल जाती है।ससुन्दरा सीमा जांच चौकी पर तो फिर भी सात आठ सौ रु की एंट्री लेकर 125 रु की रसीद दे दी जा रही है परन्तु उसी तरह की एक अन्य जांच चौकी गुदगांव जो बैतूल जिले के भैसदेही तहसील की प्रमुख जांच चौकी है पर तो कोई अधीकृत कर्मचारी भी नही है जो भाड़े के लोग है वे घंटो वाहनों को जबरन रोककर उनके ड्रायवरों और क्लीनरों को इतना थका देते है की झक मारकर उन्हें बगैर रसीद लिए एक हजार रु तक देकर जैसे तैसे सीमा जांच चौकी से पिंड छुड़ाना पड़ता है।इस गुदगाव स्थित एकीकृत सीमा जांच चौकी से रोजाना दो सौ से अधीक ट्रको का आवागमन होता है।कुलमिलाकर देखा जाए तो यह सीमा जांच चौकी भी अवैध वसूली और अन्य गैरकानूनी गतीवीधीयो को बढ़ावा देने में मददगार साबित हो रही है।इस एकीकृत सीमा जांच चौकी के सम्बंध में सूत्र बताते है की यहां आर टी ओ प्रभारी वीरेंद्र सिंग कभी कभार तफरीह करने आते है और अवैध वसूली के लाखों रुपये लेकर चलते बनते है।इस सीमा जांच चौकी के कारण सरकार की जो बदनामी हो रही है फिलहाल उस ओर किसी का ध्यान नही है शायद यही कारण है की गुदगांव की सीमा जांच चौकी भी अवैध उगाही का प्रमुख अड्डा बनकर उभर रही है।।।