क्षेत्र में 5 फुट लंबी बाँसुरी की धुन से गुलजार है हाट बाजार

आठनेर क्षेत्र में 5 फुट लंबी बाँसुरी की धुन से गुलजार है हाट बाजार

आठनेर (प्रकाश खातरकर)

दीप पर्व के समाप्त होते ही अब आठनेर तहसील क्षेत्र में गायकी बाजार की धूम मची है।कोई भी साप्ताहिक बाजार हो इन दिनों गायकीयो की पारंपरिक बाँसुरी की मधुर और सुरीले धुन से गुलजार देखे जा रहे है।दरअसल आदीवासी समुदाय में एक वर्ग ऐसा भी है जो प्रत्येक गावो में सदीयो से पालतू मवेशियों की देखरेख और उन्हें वर्ष भर चराता है।उसके एवज में गौ पालक प्रति वर्ष उन्हें निर्धारित अनाज और कपड़े देता है उससे ही गुजारा करने वाले गायकी समाज के लोग दीपावली के बाद लगने वाले हाट बाजारों में सज धज कर निकलते है।उनके सिर पर मोर पंख ,पैरों में घुंगरू,गले मे कौड़ियों की माला के साथ पारम्परिक वेश भूषा और हाथ मे चार से पाँच फुट की बॉस से बनी हुई बाँसुरी ,जंगली भैस के सींग से बने तलवारनुमा वाद्य जब वे एक साथ बजाते है तो उनके प्रवेश होने का अनुमान हो जाता है।मांदल की थाप पर नाचते हुए जब हाट बाजारों में नीकलते है तो सबका ध्यान उनकी ओर आकर्षित हो उठता है।इस दौरान दुकानदारों की खुशी से जो भी मिल जाये उसे खुशी से स्वीकार कर आगे बढ़ते जाते है।कुलमिलाकर इन दिनों हाट बाजारों की रौनक को दो गुना करने में वे कोई कसर नही छोड़ रहे है।आने वाले एक सप्ताह तक सभी हाट बाजार इन गायकीयो की बांसुरी और पैरों में बंधे घुगरुओ की रुनझुन से गुलजार रहेंगे। देखे विडियो