हड़ताल के खिलाफ तगड़ा प्रहार 

आज महिला CMO ने उठाई झाड़ू तो जाने क्या हुआ
बैतूल(ब्यूरो) इतिहास के यदि पन्ने पलटकर देखें तो ज्ञात होता है कि मातृशक्ति की सहनशक्ति की भी कोई सीमा नहीं है। लेकिन जब यही मातृ शक्ति ने अपना रौद्र रूप दिखाती है तो सभी को झुकने को मजबूर होना पड़ जाता है। हम बात कर रहे हैं नगर पालिका की तेज तर्रार सीएमओ श्रीमती प्रियंका सिंह पटेल की जिनका स्वभाव गलत को स्वीकार कर झुकने का तो कतई नहीं है, और उनका व्यक्तित्व कुछ ऐसा है कि बेवजह का दबाव देने वाले कभी भी सफल नहीं हो पाते है। यही वजह है कि धाकड़ और सख्त निर्णय लेने में उनका कोई सानी नहीं है। जब शहर को सुंदर और स्वच्छ बनाने के लिए लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी शहर साफ व सुंदर नहीं बन रहा था तो उन्होंने सफाई व्यवस्था को परिषद की सहमति से ठेके पर दे दिया। इस बात से नाराज चंद सफाईकर्मियों ने हड़ताल का ऐलान कर दिया है। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल करने के ऐलान पर सीएमओ श्रीमती प्रियंका सिंह पटेल ने भी रविवार को अवकाश का दिन होने के बावजूद भी आनन-फानन में ना सिर्फ पत्रकारवार्ता आयोजित की बल्कि उन्होंने पत्रकारवार्ता में दो टूक संदेश दे दिया कि वह ना तो सहेंगी और ना ही झुकेंगी शहर मेरा है मैं खुद हाथों में झाडू लेकर सफाई करूंगी। इतना ही नहीं सीएमओ श्रीमती पटेल ने जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों सहित आमजनता से भी अपील की है कि सोमवार को सुबह 7 बजे उनके साथ में सहयोग करने के लिए लल्ली चौक पहुंचे और सफाई व्यवस्था बनाने में सहयोग दें। सीएमओ श्रीमती पटेल द्वारा मांगे गए सहयोग को शहर में अच्छा खासा प्रतिसाद मिला। आज अल सुबह से जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, बुद्धिजीवियों सहित आम नागरिकों ने इस प्रयास की मुक्तकण्ठ से प्रशंसा करते हुए कंधे से कंधा मिलाकर साथ देने हेतु नगरपालिका के समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों सहित समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों और पत्रकार बंधुओं ने सफाई कार्य में सहयोग किया। यह नजारा आज सोमवार सुबह सीएमओ सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, बुद्धिजीवीं सहित सभी हाथों में झाडू लेकर शहर की सफाई करते देखे गए। सी एम ओ ने  बताया  कि शहर को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी उनकी है, लेकिन सफाईकर्मी अपनी अनर्गल मांगों के निराकरण के लिए अड़कर हड़ताल करने पर उतारू है, जिन्हें समझाइश भी दी गई, लेकिन उनके न मानने पर अब उन्होंने स्वयं ही शहर की सफाई करने का निर्णय लेते हुए समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों और आमजन की भागीदारी से वे अभीभूत है। सी एम ओ ने कहा की सफाई ठेके में पूरी पारदर्शिता लाने के बावजूद सफाई कामगार संघ से जुड़ेे कुछ लोगों द्वारा मुख्य नगरपालिका अधिकारी से नियम विरूद्ध काम कराने की कोशिश की गई थी, लेकिन उन्होंने नियमानुसार कार्य किए जाने का हवाला दिया तो कुछ सफाईकर्मियों द्वारा अन्य कर्मचारियों को भड़काकर हड़ताल करने की चेतावनी जारी कर दी।  नगरपालिका परिषद बैतूल में सफाई ठेका दिए जाने के बाद सफाईकर्मियों द्वारा नपा पर लगातार अनर्गल दबाव बनाते हुए ठेके को निशाना बनाया जा रहा है। कल ही सफाई कामगारों ने एक विज्ञप्ति जारी कर ठेके का विरोध करते हुए कल सोमवार सुबह 7 बजे एक बार फिर हड़ताल करने की चेतावनी दी है। जानकारी के मुताबिक व्यक्तिगत कारणों के चलते कुछ सफाईकर्मी जबरदस्ती मुख्य नगरपालिका अधिकारी पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे है और इसी के चलते अन्य सफाईकर्मियों को भड़काकर हड़ताल करने पर मजबूर किया जा रहा है।
22.50 लाख में दिया ठेका  
 नपा द्वारा सफाई व्यवस्था हेतु करीब 300 कर्मचारियों की सेवा ली जाती है, जिसमें 80 कर्मचारी कचरा संग्रहण का कार्य करते है। जिस पर नपा को प्रतिमाह 25 लाख रूपए का खर्च आता है। नपा ने सफाई व्यवस्था दुरूस्त किए जाने को लेकर 22.50 लाख रूपए में सफाई कार्य का ठेका निजी कंपनी को देकर वर्क ऑर्डर जारी किया है। इस ठेके में वाहनों का मेंटेेनेंस, बीमा, जीपीआरएस सिस्टम, कॉल सेंटर कार्य ठेका कंपनी को करना है। कर्मचारियों ने ठेका दिए जाने के विरोध में पहले भी एक दिन की हड़ताल करते हुए विरोध जताया था। आज भी कर्मचारियों ने हड़ताल की चेतावनी दी है। बार-बार कर्मचारियों के अडिय़ल रवैये से परेशान होकर नपा सीएमओ ने यह फैसला लिया है कि वे खुद जनसहयोग से नगर की सफाई व्यवस्था सुचारू रूप से जारी रखेगी