कावला में 45 से अधीक मवेशियों की अज्ञात बीमारी से मौत,

कावला में 45 से अधीक मवेशियों की अज्ञात बीमारी से मौत,

कावला में 45 से अधीक मवेशियों की अज्ञात बीमारी से मौत,

ग्रामीणों में दहशत

आठनेर (प्रकाश खातरकर) तहसील के ग्राम कावला में अज्ञात बीमारी से दस दिन में 45 से अधिक पालतू मवेशियों की मौत हो जाने से अब ग्रामीणों में दहशत का माहौल व्याप्त हो चुका है।खासकर ज्यादातर भैस की मौत हो रही है तमाम शिकवा शिकायतो के बावजूद पशु चिकित्सा विभाग इस मामले में उदासीन और अनिभिज्ञ नजर आने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।इस आशय की सूचना कांग्रेस के मंडलम अध्यक्ष धनराज गावंडे ने क्षेत्रीय विधायक धरमू सीरसाम को दी है खबर है की आज विधायक ग्राम कावला पहुचकर इस पूरे मामले की खबर लेने वाले है।कावला के सरपंच जयप्रकाश मौसीक ने बताया की मवेशियों के मरने का सिलसीला पिछले दस दिनों से लगातार चल रहा है।

मवेशी क्यो मर रहे है कीस बीमारी से मर रहे है यह अभी तक राज ही है अनेक कीसानो ने इस बाबत पशु चिकित्सा विभाग को शिकायत भी की मगर अभी तक इस ओर कोई ध्यान नही देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल व्याप्त हो चुका है।सरपचं जयप्रकाश से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले दस दिनों में संजू एवले की 13 भैंस,पंडरी एवले की 5 भैंस,नामदेव की 4 भैंस,नेहरू वराहे की 3 भैंस,गुड्डू जावरकेर की 5 भैंस,किसन मौसीक का एक बैल,गोविन्द मालवे की 1 भैंस,अशोक बसन्तपुर की 1 भैंस,दशरथ का 1 बैल, मुन्ना चिल्हाते की 1 भैंस,गोमा धुर्वे की 1 भैंस,सहित कैलाश चौहान की 1 गाय की अचानक अज्ञात बीमारी से मौत होने से ग्रामीण दहशत में है।इतनी अधीक तादात में पालतू मवेशियों के मरने से किसान मृत पशुओं को दफन भी नही कर पा रहे है और उन मृत मवेशियों को दूर जंगल में गाड़ी बैल से फेंक देने से अन्य जंगली जानवरो पर संकट आने की आशंका बलवती होते नजर आ रही है।जिला प्रशासन ने यदि समय रहते इस ओर ध्यान नही दिया तो भयंकर अनहोनी होने की शंका ग्रामीण व्यक्त कर रहे है।बहरहाल मवेशियों की अकाल मौत के कोई स्पष्ट लक्षण बताने में ग्रामीण इस समय तैयार नही है।