ऑरेंज बेल्ट हुआ तबाह

ऑरेंज बेल्ट हुआ तबाह
ऑरेंज बेल्ट हुआ तबाह
पेडो पर 1000 की जगह बचे अब 100 ?? ऑरेंज बेल्ट हुआ तबाह आठनेर (प्रकाश खातरकर) आठनेर तहसील का महाराष्ट्र की सीमा से सटा हुआ बहुत बडा एरिया जो ऑरेंज बेल्ट के रूप में ख्यातिलब्ध था वह अत्यधिक बरसात होने से तबाह हो चुका है।कीसानो की माने तो जिन पेडो पर नौ से हजार संतरा फल लगे थे उन पेडो पर महज इधर उधर सौ के लगभग ही फल लटके हुए है।शेष फल लगातार हो रही बरसात से असमय जमीन पर आ गिरे और सड़ चुके है।हा संतरे गिरने की यह प्रक्रिया एक दो दिन में नही हुई लगातार एक माह से आरम्भ है कारण लगातार बरसात से फलों के डंठल की गलन के कारण यह हालात निर्मीत हुए है।इसके अलावा अन्य फसलों के भी यही हाल है।सूबे के मुखीया से लेकर मंत्री तक हर मंच से बारीकी से सर्वे करने के प्रशासन को निर्देश दे रहे परन्तु जमीनी हालात वही ढाक के तीन पात जैसी है।एस डी एम ,तहसीलदार से फसल बर्बादी के सर्वे संबंध में कोई बात करते है तो वे रटा रटाया जवाब देते है की ऐसा कोई आदेश नही है।हालांकी अभी दो दिन पूर्व तहसीलदार ने राजस्व अमले की बैठक लेकर सर्वे करने के फरमान जारी किए है पर कोई भी खेतो और संतरे के बगीचों में आज तक नही पहुचा।बहरहाल ऑरेंज बेल्ट पूरी तरह नष्ट हो चुका है।इस ऑरेंज बेल्ट में आठनेर तहसील के जिन ग्रामो की संतरा फसल बर्बाद हुई है उनमें ग्राम पाठ,धारुल, नढा,मानी,केलबेहरा,हीरादेही,चीचकुम्भ,सोनोरा,वालखेड़ा,अँधेरबावडी,बेलकुण्ड,दाभोना सहित अन्य और आधा दर्जन ग्राम आते है जहां के कीसानो ने इस बार अंबिया फसल पर दांव लगाया था।मतलब संतरे की दो फसले होती है एक मीरग्या और दूसरी अंबिया इस फसल को वह किसान लेता है जिसके पास पानी की कमी होती है और बरसात के पानी से उसका उत्पादन अच्छा हो जाता और लागत भी कम आती है।पिछले 4 वर्षों से अल्प वर्षा के कारण यह फसल लेने वाले किसान मुनाफे में थे परन्तु इस वर्ष औसत से अधिक बरसात ने कीसानो को रुलाकर रख दिया।ग्राम पाठ के पातीराम धुर्वे,मानी के श्यामा पटेल,अँधेरबावडी के नामदेव गावंडे,केलबेहरा के धनराज गावंडे,हीरादेही के भुइलाल पटेल,दाभोना के कलीराम बारस्कर और फूलचंद बारस्कर ने बताया की एक माह पहले तक उनके संतरा बगीचों में प्रति पेड़ पर नौ से एक हजार फल लदे थे उन्हें देखकर कीसानो ने अनेक उम्मीदे पालकर रखी थी परन्तु एक माह से हो रही लगातार बरसात ने उनकी उम्मीदों को तहस नहस कर पानी फेर दिया।आये दिन होने वाली बरसात से संतरे के डंठल कमजोर पड़ने लगे और फलों के गिरने जो क्रम शुरू हुआ तो अब तक भी रुकने का नाम नही ले रहा।आज हालात यह है की जिन पेडो पर एक हजार के लगभग फल थे वह घटकर महज सौ ही बचे है कुल मिलाकर ऑरेंज बेल्ट अधिक बरसात होने से तबाह हो चुका है।ज्ञात हो यही हाल भैसदेही तहसील और प्रभातपट्टन ब्लाक के सीमावर्ती क्षेत्रों का भी है।