सम्बल कार्ड धारी छात्रों से 25 की जगह वसूले 925 रु ?

सम्बल कार्ड धारी छात्रों से 25 की जगह वसूले 925 रु ?
सम्बल कार्ड धारी छात्रों से 25 की जगह वसूले 925 रु ?

बोर्ड परीक्षा फीस में घोटाला

सम्बल कार्ड धारी छात्रों से 25 की जगह वसूले 925 रु ?

आठनेर/बैतूल (प्रकाश खातरकर) आठनेर तहसील सहित सम्पूर्ण जिले में बोर्ड परीक्षा फीस के नाम पर बढ़ा घोटाला उजागर हुआ है।दरअसल बोर्ड परीक्षा के नाम पर प्रत्येक सरकारी स्कूलों के छात्रों से 925 रु वसूले गए है।जबकी जिन छात्रों के पास मुख्यमंत्री जन कल्याण ( सम्बल ) योजना का कार्ड बना हुआ है उनसे महज 25 रु जमा करवाने का ही स्पष्ट प्रावधान होने के बावजूद उनसे भी 925 रु जमा करवा लिए।आठनेर तहसील में आठनेर सहित सातनेर,हीडली,देहगुड,मांडवी,बेलकुण्ड,पुसली ,जावरा,धनोरा,टेमनी,के अलावा जिले में हाई स्कूल 153 तथा हायर सेकेंडरी स्कूलों की संख्या 134 बताई जा रही है जिसमे हजारो विद्यार्थी अध्ध्यन रत है उनमें सैकड़ो छात्र मुख्यमंत्री जन कल्याण (सम्बल) योजना में पात्र है।सरकार के नियमो के मुताबिक ऐसे पात्र छात्रों से वार्षिक परीक्षा शुल्क महज 25 रु ही लेना है उसके बावजूद आठनेर सहित जिले के तमाम हायर सेकेंडरी और हाई स्कूलों के छात्रों से 925 रु जमा करवा लिए है।कुछ स्कूलों से मिली जानकारी के मुताबिक जिन छात्रों ने सम्बल कार्ड स्कूलों में जमा करवाये उन्हें 900 रु वापस कीये है मगर सैकड़ो स्कूल ऐसे है जिसमे पढ़ने वाले छात्रों को इस योजना की जानकारी भी नही है न उन्हें स्कूलों की ओर से यह जानकारी दी जा रही है।नतीजतन छात्र सम्बल कार्ड की छायाप्रति भी जमा नही कर रहे ताकी उन्हें 900 रु वापस मिल जाये।इस मामले को लेकर अनेक प्राचार्यो से चर्चा की गई उन्होंने यह कहकर इस बात को टाल दिया की परीक्षा फीस क्लास टीचर जमा करते है उन्हें यह जानकारी छात्रों को देकर उनके रु वापस करना चाहिए।बतौर आठनेर मुख्यालय की ही बात करे तो यहां पदस्थ प्राचार्य सुरेंद्र पंचोली ने बताया की मुख्यमंत्री जन कल्याण (सम्बल)योजना के पात्र छात्रों को 900 रु वापस किया जाना चाहिए लेकिन क्लास टीचर ने कीये या नही मैं आज जानकारी लेकर आपको अवगत कराता हु।आठनेर में ही 850 के लगभग बोर्ड परीक्षा के छात्र है उसमें एक अनुमान के मुताबिक 500 से अधीक छात्र इस योजना की पात्रता सूची में आते है उसके बाद भी तहसील मुख्यालय का यह हाल है तो दूर दराज के स्कूल जो अधीकाँश ट्रायबल क्षेत्र में आते है जहां सूरज की रोशनी तो पहुचती है परन्तु सरकारी योजनाओं की जानकारी नही पहुचती उनके क्या हाल होंगे सहज रूप से समझ सकते है।