मोर पंख खरीदने के पहले यह दर्दनाक तस्वीर भी देखे

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मोर पंख खरीदने के पहले यह दर्दनाक तस्वीर भी देखे।

बैतूल (प्रकाश खातरकर)

धरती पर सबसे सुंदर पक्षी मोर है।जिसे कुदरत ने इतने सलीके से सवारा है की उसे देखकर मन भाव विभोर हो जाता है।शायद उसी कारण से भारत मे मोर को राष्ट्रीय पक्षी का दर्जा मिला हुआ है।इस अतिसुंदरतम पक्षी का आज जिक्र इसलिए हो रहा है की धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिकेय ने मोर पर सवार होकर पृथ्वी का चक्कर लगाया था।इस लिहाज से मोर अपने आप मे पूजनीय होना चाहिए लेकिन दीप पर्व के आते ही इस सुंदरतम पक्षी की निर्मम हत्याओं का सिलसीला भी शुरू हो जाता है।महज सडीगली मान्यताओं को जेहन में भरकर गोवर्धन पूजा के लिए मोरपंख खरीदने वालों की तादात दिन ब दिन बढ़ते ही जा रही है।खरीददारों की मांग की पूर्ति हेतु मोरो को जहर देकर या अन्य क्रूरतम तरीको से मारा जाने लगा है। हालांकी वन विभाग के कुछ अधीकारीयो का मत है की मोर खुद प्राकृतिक तरीके से अपने पंख हौले हौले छोड़ता है।जिसे कुछ दशक पहले जंगल और बड़ी नदियों से लोग एकत्रित कर लेते थे।मोर के प्राकृतिक आवास जंगलों की नदियों के ही आस पास पाए जाते है।बैतूल जिले की ताप्ती जैसी बड़ी नदियों में आज भी मोर की कुक आसानी से सुनी जा सकती है।परन्तु थोड़े से लालच में और धार्मिक मान्यताओं की पूर्ति हेतु धरती के इस सुंदर पक्षी की संख्या घटते जा रही है।यदि आप अपनी आने वाली पीडीयो को मोर को साक्षात दिखाना चाहते है तो इस दीप पर्व पर संकल्प ले की हम मोरपंख न खरीदे।