Manday पॉजिटिव: दुर्गम पहाड़ी को तीन वर्ष में किया वृक्षारोपण द्वारा हरा-भरा

Manday पॉजिटिव:   दुर्गम पहाड़ी को तीन वर्ष में किया वृक्षारोपण द्वारा हरा-भरा

शाहपूर : उत्तर वनमण्डल बैतूल अंतर्गत वन परिक्षेत्र शाहपुर की बोंदरी बीट के कक्ष क्रमांक PF-1611, 1612 ग्राम कान्हेगांव की पहाड़ी पर वर्ष 2017 में कैम्पा मद अंतर्गत 49 हे. में वृक्षारोपण किया गया था। वृक्षारोपण क्षेत्र में अप्रैल 2017 में क्षेत्र तैयारी का कार्य प्रारंभ हुआ। देर से स्वीकृती प्राप्त होने के बावजूद भी वन विभाग के अमले ने दुर्गम पहाड़ी होने के बाद भी क्षेत्र तैयारी कार्य समय से पूर्ण किया। एक दिवसीय वृक्षारोपण वर्ल्ड रिकार्ड अंतर्गत 02 जुलाई 2017 को क्षेत्र में रोपण कार्य किया गया। कम समय के साथ ही जहां ग्राम कान्हेगांव की ऊंचाई समुद्र तल से 600 मीटर है वहीं रोपण क्षेत्र की ऊंचाई 800 मीटर है जिससे कार्य करना काफी कठिन था अत्यंमत दुर्गम पहाड़ी पर 54439 पौधों का रोपण किया गया है जिसे सिरबोझ द्वारा लगभग 200 मीटर की ऊंचाई पर पहुंचाया गया जो अत्यंत दुर्गम कार्य था तथा एक दिवस में रोपण किया जाना ओर भी कठिन था। फिर भी वन विभाग के अमले के द्वारा समय से पूर्ण किया। वर्ष 2017 में शाहपुर क्षेत्र में सामान्य से 40 प्रतिशत कम वर्षा हुई तथा वृक्षारोपण क्षेत्र पर चारों ओर से जैविक दबाव होने के कारण वृक्षारोपण की स्थिति खराब हो चुकी थी वन विभाग के अधिकारिओं एवं कर्मचारियों ने वृक्षारोपण क्षेत्र को पुन: सुधार ने का संकलप लिया । 5000 पौधे वनरक्षक के नाके पर तैयार किये गये एवं नर्सरी से 5400 से पौधे लाकर जुलाई 2018 में रोपण किया गया। इसी प्रकार 2019 में 5000 पौधे नाके पर तैयार किये गये एवं 5400 पौधे नर्सरी से लाकर रोपित किये गये। ग्रामवासियों से सतत् संवाद कर तथा पेड़ो का महत्व समझा कर वृक्षारोपण की सुरक्षा करने के लिये कहा गया बैठकें ली गई जिससे कान्हेगांव, घीसी, आंवरिया एवं केसिया गांव के वन सुरक्षा समिति के सदस्यों ने वन विभाग का साथ देते हुये निश्चय किया की वृक्षारोपण को सफल बनाना है आज 49 हे. में बांस एवं सागौन का उच्च घनत्व का जंगल तैयार हो चुका है। जहां 2017 से पहले सिर्फ कांटेदार झाडि़या थी वहां हरे-भरे बांस के भिर्रे है जिसमें 08 से 10 बांस प्रति भिर्रे तैयार हो चुके है जिसकी ऊंचाई 05 से 06 मीटर है हजारों सागौन बल्ली साईज के पेड़ तैयार हो गये हैं जिनकी ऊंचाई 04 से 06 मीटर तक हो चुकी है। इस प्रकार कटीली झाडियों से भरा क्षेत्र आज सुंदर एवं बेस कीमती क्षेत्र में परिवर्तित हो गया है। इस प्रकार जंगल तैयार होने से कान्हेगांव, घीसी, आंवरिया एवं केसिया ग्राम के सभी ग्रामीण प्रसन्न है। ओर इस वृक्षारोपण क्षेत्र की सुरक्षा स्वयं करने के लिये प्रेरित है।